ललितपुर। बारिश शुरू होते ही जनपद में अघोषित बिजली कटौती का संकट शुरू हो गया है। ग्राम मसौरा कलां के पास आकाशीय बिजली गिरने से रात में आठ इंसुलेटर फटने से बाईपास समेत बिरधा और पाली सब स्टेशन के करीब साढ़े तीन सौ गांव की बिजली रात भर ठप रही।
रौंड़ा हाइडिल से निकली 33 केवी हाइटेंशन लाइन के माध्यम से बाई पास, बिरधा और पाली सब स्टेशन में स्थापित एक दर्जन फीडरों से करीब साढ़े तीन सौ गांवों को विद्युत आपूर्ति प्रदान की जाती है। जनपद में बरसात व गाज गिरने के कारण आए दिन ट्रांसफार्मर और इंसुलेटर फटने से बिजली सकंट शुरू हो गया है। सोमवार की रात करीब पौने ग्यारह बजे ग्राम मसौराकलां से पूर्व रोड ओवरब्रिज के पास बारिश के दौरान गाज गिरने से आठ इंसुलेटर बर्स्ट हो गए, जिससे बाई पास, बिरधा और पाली स्थित 33 केवी सब स्टेशन के अंतर्गत करीब साढ़े तीन सौ गांवों की बिजली रात भर ठप रही। बाई पास सब स्टेशन में स्थापित फीडर नंबर दो, मसौरा-निवाई, कल्यानपुरा, नदनवारा, खितवांस, कांशीराम कालोनी के अंतर्गत आने वाले डेढ़ सौ गांवों में अंधेरा छा गया। इसके अंतर्गत ग्राम खुशीपुरा, कल्यानपुरा, रजवारा, कंचनपुरा, बिरारी, गोगला, हरपुरा, मैलवारा, नदनवारा, रोंड़ा, चीरा, महर्रा, परौंदा, पाचौनी, मिर्चवारा, पटसैमरा, अनौरा, तालगांव, निवाई, घटवार, मसौराखुर्द, मसौराकलां, खौंखरा आदि आसपास के गांवों की बिजली दूसरे दिन सुबह पौने नौ बजे सुचारु की जा सकी।
वहीं, बिरधा और पाली के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिरधा, बंगरिया, नाराहट, बछलापुर, धौर्रा, बंट, बालाबेहट, सजनाम, पाली समेत करीब दो सौ गांवों को बिजली आपूर्ति दूसरे दिन पंद्रह घंटे बाद दोपहर में डेढ़ बजे सुचारु की जा सकी। लगातार पंद्रह घंटे तक बिजली ठप रहने से ग्रामीणों को बिजली पर आधारित बहुत से कार्यों के लिए परेशान होना पड़ा।