ललितपुर। पाली थाने में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) में 10 मई को सुनवाई की तारीख लगी हुई है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी दिन आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज कोर्ट में प्रस्तुत होकर आत्मसमर्पण कर देगा।
दुष्कर्म मामले में प्रमुख आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी तिलकधारी सरोज का स्थानांतरण जिला सीतापुर के पुुलिस ट्रेनिंग सेंटर में कर दिया था। वर्तमान में उनकी वहीं तैनाती है। सुप्रीम कोर्ट में जमानत खारिज होने के बाद उन्हें न्यायालय में आत्मसमर्पण कराना होगा। हालांकि कोर्ट में आत्मसमर्पण का कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इस केस की सुनवाई के दौरान ही वह आत्मसमर्पण करेगा।
हालांकि आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज के अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि वह कोर्ट में आत्मसमर्पण तभी करेंगे, जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी प्राप्त होगी। हालांकि उन्होंने 10 मई को न्यायालय में प्रस्तुत होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसे में अगर आगामी तारीख पर आरोपी इंस्पेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं होते हैं तो कोर्ट उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करता है, इस पर विधि विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।
दिनभर शहर और पाली कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद एक बार फिर पुलिस की दरिंदगी आम आदमी की जुबान पर आ गई। शहर में नहीं, ग्रामीण इलाकों और पाली कस्बे में सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज होने को सराहा गया। वहीं दबे शब्दों में तो लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस अपनी पुलिस का सहयोग कर रही थी। इसी कारण जमानत मिल सकी लेकिन न्यायालय ने दोषी को वापस जेल का रास्ता दिखा दिया है।