ललितपुर। जिला सूचना अधिकारी ने उचित दर की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्ड धारकों को चावल और गेहूं का वितरण किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला सूचना अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे ने ग्राम पटौरा कलां में शीतल सिंह जुगपुरा की दुकान, ग्राम कुआंतला में खुसीलाल की दुकान, ग्राम परौंदा में रामलखन सिंह की दुकान और ग्राम दावनी में रामसेवक की उचित दर की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान राशनकार्ड धारकों को चावल, गेहूं और चीनी का वितरण किया गया। राशन की दुकानों पर बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारक उपस्थित थे।
स्टॉक रजिस्टर का निरीक्षण कर अंत्योदय और अन्य पात्रों को गेहूं, चावल और चीनी के स्टाक का सत्यापन किया गया। कुछ दुकानों पर वितरण मूल्य व वितरण स्केल पेंट न कराकर चॉक से लिखा गया था, जिस पर कोटेदारों को पेंट कराने के निर्देश दिए गए। अंत्योदय और पात्र गृहस्थी की सूची उचित दर की दुकानों पर चस्पा मिली।
उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अंत्योदय श्रेणी के लाभार्थियों को पूर्व की भांति पैंतीस किलो खाद्यान्न प्रति कार्ड प्रति माह दिया जा रहा है, जिसमें 15 किग्रा गेहूं व 20 किग्रा चावल शामिल है।
वर्तमान में प्रचलित बीपीएल और एपीएल श्रेणी के स्थान पर नई पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को पांच किग्रा खाद्यान्न प्रति व्यक्ति/प्रति यूनिट प्रति माह दिया जा रहा है, जिसमें साढ़े तीन किग्रा गेहूं व डेढ़ किग्रा चावल शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि गेहूं दो रुपये प्रति किग्रा की दर से तथा चावल तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से वितरित किया जा रहा है।
इन्हें दी गई वरीयता
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के पात्रता में वरीयता संबंधी मानकों के बारे में बताया गया कि कुष्ठ रोग, कैंसर, एड्स से पीड़ित व्यक्ति, अनाथ, परित्यक्त महिलाएं, विधवा, विकलांग, विक्षिप्त, कचरा ढोने वाले, स्वच्छकार, भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज करने वाले,
जूते- चप्पल की मरम्मत करने वाले, फेरी खोमचा लगाने वाले, रिक्शा चालक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के भूमिहीन मजदूर, कुली पल्लेदार, आवासहीन परिवार/कच्ची छत वाले आवास तथा ट्रांस जेंडर कम्युनिटी जिसके अंतर्गत किन्नर श्रेणी के लोग आते हैं, उनको राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पात्रता में वरीयता प्रदान की गई है।
यह हैं पात्रता की श्रेणी से बाहर
ऐसे परिवार जिनकी पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये से अधिक तथा नगरीय क्षेत्र में पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से अधिक है, उनके पास चार पहिया वाहन, एयर कंडीशनर, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, पांच केवीए का जनरेटर, ग्रामीण क्षेत्र में साढ़े सात एकड़ से अधिक की सिंचित भूमि, नगरीय क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर का पक्का आवासीय प्लॉट या अस्सी वर्ग मीटर का व्यवसायिक स्थल है या एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस है, इसके अलावा समस्त प्रकार के आयकर दाता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की परिधि से बाहर रखे गए हैं।
ऐसे बनवाएं राशन कार्ड
कुछ ग्रामीणों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जारी की गई पात्रता सूची में नाम नहीं होने की शिकायत की। इस पर उन्हें बताया गया कि यदि किसी ग्रामीण/शहरी पात्र व्यक्ति को राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है या उसका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं है तो वह घर की महिला मुखिया की फोटो, बैंक पास बुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आधार कार्ड फार्म के साथ संलग्न कर एवं संबंधित ग्राम के सेक्रेट्री/लेखपाल से सत्यापित कराकर तहसील के आपूर्ति कार्यालय या जिला पूर्ति कार्यालय में जमा करा सकते हैं, जहां से उनका कार्ड बन जाएगा।