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जख्मी सड़कें : कहीं दलदल में तब्दील तो कहीं पर उद्धाटन से पहले हो गई क्षतिग्रस्त

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- उद्धाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई करीब 11.57 करोड़ से बनी सड़क
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- विकास के दावों की पोल खोल रही है तहसील क्षेत्र की सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी

महरौनी-सिलावन। तहसील क्षेत्र में कई प्रमुख सड़कें खस्ताहाल हैं। नगर के बाहर से बानपुर रोड को मिलाते हुए टीकमगढ़ रोड को जोड़ने वाला नई तकनीक से बना बाईपास मार्ग का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ कि मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। हैरत की बात तो यह है कि इस विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोहर लाल पंथ प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री हैं। इसके बाद भी क्षेत्र की सड़कों का बुरा हाल है।
महरौनी नगर की मुख्य सड़क पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2019-20 में शासन ने करीब 11.57 करोड़ की लागत से 3.20 किलोमीटर बाईपास स्वीकृत किया था। 9 जनवरी 2021 को भूमि पूजन के साथ मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। वर्ष 2022-23 में सात मीटर चौड़ी टू लेन बनकर तैयार हो गया था। लेकिन नगर में जाम और आए दिन हो रहे सड़क हादसों के चलते बिना उद्घाटन के ही बाईपास मार्ग पर आवागमन शुरू करा दिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ माह तो इस मार्ग पर आवागमन सुगम रहा लेकिन अब सड़क कहीं उखड़ रही तो कहीं पर धसक रही है। मार्ग पर जगह- जगह गड्ढे होने से वाहनों के आवागमन में भी चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ललितपुर-महरौनी मार्ग पर बन गए जगह-जगह कट
पेयजल लाइन के लिए खोदी गई ललितपुर-महरौनी सड़क पर जगह-जगह बने कट दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कार्यदायी संस्था ने इन कटों को भरवा दिया था लेकिन बारिश में यह कट फिर से धंस गए। अचानक कट आ जाने पर दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात में समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने कट भरकर पक्का कराने की मांग की हैं।
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दलदल में होकर विद्यालय जाते हैं विद्यार्थी
महरौनी से जखौरा गांव को जाने के लिए लिंक रोड गड्ढों में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जखौरा गांव से महरौनी तहसील मुख्यालय की दूरी महज साढ़े तीन किमी है। जिसमें सात वर्ष पहले एक किमी पक्की सड़क मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। शेष को जस का तस छोड़ दिया गया था। आज करीब ढ़ाई किमी सड़क दलदल युक्त गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे ग्रामीणों के अलावा गांव के छात्र-छात्राओं को कॉलेज जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को इस बात का मलाल है कि उन्होंने पक्की सड़क बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों से मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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जखौरा गांव से महरौनी की दूरी साढ़े तीन किमी है जबकि छात्राओं को सड़क खराब होने के कारण साइकिल से दस किमी का चक्कर लगाकर कॉलेज जाना पड़ता है। -नारायण सिंह जखौरा
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कई साल से दलदलयुक्त सड़क से गुजरना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि भी सड़क बनवाने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब तो सड़क बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से ही मांग करनी पड़ेगी। -राघवेंद्र सिंह, जखौरा।
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महरौनी से पुराना जखौरा गांव तक बने संपर्क मार्ग को पक्का कराया जाना चाहिए, जिससे गांव के बच्चों को विद्यालय जाने में सुविधा हो सके। - केहर सिंह,जखौरा
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अधिक बारिश के चलते बाईपास मार्ग खराब हुआ है, जल्द ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी। -रोहित त्रिपाठी, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग ललितपुर
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