औद्योगिक आस्थान चंदेरा : अव्यवस्थाओं का अंबार, कहीं कचरा तो कहीं जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के समीप हाईवे किनारे स्थित चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र में जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण मूलभूत सुविधाएं दम तोड़ती नज़र आ रही हैं। यहां नालियां सफाई के अभाव में चोक पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़क किनारे जमा हो रहा है। पार्कों में भी गंदगी और दूषित पानी के कारण बदबू फैल रही है। वहीं परिसर में लगा हैंडपंप भी लंबे समय से क्षतिग्रस्त है।
पेश है औद्योगिक आस्थान की जमीनी हकीकत पर पहली रिपोर्ट—
सुविधाएं बदहाल, सफाई व्यवस्था चौपट
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शासन ने चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए थे। यहां करीब 68 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। आवागमन के लिए सड़कें, मनोरंजन के लिए पार्क और जलभराव रोकने के लिए नालियां बनाई गई थीं, लेकिन वर्तमान में हालात बदतर हैं।
मुख्य मार्ग से अंदर जाने वाली गली में सफाई के अभाव में नाली चोक हो चुकी है। पानी की निकासी न होने से तिराहों और पार्क के किनारे पानी जमा है। सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं, जो बारिश के पानी में सड़कर दुर्गंध फैला रहे हैं। गंदगी के कारण आवागमन भी दूभर हो गया है।
औद्योगिक क्षेत्र में चारों ओर बाउंड्री न होने से सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
वीरान पड़ा पार्क स्थल
चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र में दो पार्कों के लिए भूमि आरक्षित है। आगे वाले पार्क में कुछ पेड़-पौधे लगाए गए हैं, लेकिन आधे हिस्से में झाड़ियां फैली हैं। पीछे का पार्क पूरी तरह बदहाल है—न तो बाउंड्री बनी है, न ही कोई सुविधा विकसित की गई है। पानी भरने और कचरा जमा होने से यह जगह अब गंदगी का अड्डा बन चुकी है।
क्षतिग्रस्त पड़ा हैंडपंप
परिसर में पीछे की ओर सड़क किनारे लगाया गया हैंडपंप अब खराब पड़ा है। पहले यह लोगों के पीने के पानी का प्रमुख स्रोत था, लेकिन अब लंबे समय से बंद है। इससे लोगों को पेयजल की समस्या झेलनी पड़ रही है।
नहीं है पानी निकासी की व्यवस्था
औद्योगिक क्षेत्र में नालियों का निर्माण तो किया गया है, लेकिन आगे पानी की निकासी का इंतजाम नहीं है। हाईवे मार्ग पर पत्थर इकाई से आगे निकासी न होने के कारण परिसर में पानी जमा रहता है, और अधिक पानी होने पर वह हाईवे पर बहने लगता है।
हाईवे किनारे कचरे का ढेर
झांसी की ओर से शहर में प्रवेश करने पर प्रतीक्षा से कट तक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। यहां बड़ी मात्रा में पड़ा कचरा अन्ना जानवरों के लिए भोजन का जरिया बन गया है, जो हाईवे पर आकर दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे हैं। कचरे के कारण शहर की साख को भी धक्का लग रहा है, बावजूद इसके सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र में नहीं जलती स्ट्रीट लाइट
रात के समय फैक्ट्रियों की निजी लाइटें तो जलती हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। अंधेरे के कारण रात में आने-जाने वालों को दिक्कत होती है।
उद्यमी राजवीर सिंह का कहना है कि “रात में स्ट्रीट लाइटें जलना जरूरी है, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। वहीं तहबाजारी वसूली करने वाले ठेला संचालक यहां से पैसा वसूल कर चले जाते हैं, जो गलत है।”
एकल फीडर बना, पर ट्रिपिंग की समस्या बरकरार
उद्यमियों की मांग पर चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र के लिए एकल फीडर की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन ओवरलोड और फॉल्ट के कारण बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। उद्यमियों का कहना है कि अगर विद्युत विभाग ध्यान दे, तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
आश्वासनों की घुट्टी से नहीं सुलझ रहीं समस्याएं
शासन के निर्देशों के बावजूद जनपद के उद्यमी लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं। उद्योग बंधु की बैठकों में शिकायतें दर्ज करने पर अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जाते हैं।
चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र में न सफाई की स्थिति सुधरी, न ही बिजली फीडर की ट्रिपिंग की समस्या हल हुई। इससे उद्यमियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि “अगर व्यवस्था ऐसी ही रहनी है, तो फिर बैठकों का कोई मतलब नहीं।”
उद्यमियों की राय
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परिसर में चारों ओर सुरक्षा के लिए बाउंड्री का निर्माण किया जाएगा। पार्कों को विकसित किया जाए।
- मुकेश कुमार जैन, अध्यक्ष, जिला स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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औद्योगिक क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। कचरा का उठान कराया जाए।
- नीतेश कुमार, महामंत्री, जिला स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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परिसर में नाली का निर्माण किया गया है। आगे बाहर भी नाली का निर्माण किया जाए। इससे निकासी हो सके।
- राजवीर सिंह, कोषाध्यक्ष, जिला स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
चंदेरा औद्योगिक क्षेत्र में बजट मिलते ही नाली निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा। नगर पालिका के साथ बैठक कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान भी शीघ्र किया जाएगा।
अतहर जमाल, उपायुक्त उद्योग