प्रचार में पिछड़ते दिख रहे निर्दलीय उम्मीदवार
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जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर ताल ठोक रहे निर्दलीय उम्मीदवार अभी तक जनता की चर्चा के केंद्र बिंदू में नहीं आ सके हैं, जिससे ललितपुर व महरौनी का चुनाव प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के इर्दगिर्द ही नजर आ रहा है।
प्रदेश के चौथे चरण में ललितपुर जिले को रखा गया है। इस समय जिले की ललितपुर और महरौनी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। ललितपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें प्रदीप गुप्ता, सचेंद्र, गनेशराम रजक व कमलेश कुमार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक रहे हैं। वहीं, महरौनी विधानसभा सुरक्षित सीट से कुल 13 उम्मीदवार हैं, जिनमें निर्दलीय के रूप में कंहैयालाल, जितेंद्र, प्रीतमलाल, मनोज कुमार, सुखदयाल उम्मीदवार बने हुए हैं। इसके अलावा कई छोटे दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। लेकिन, अभी तक के प्रचार में निर्दलीय उम्मीदवार प्रमुख दलों के उम्मीदवारों से पिछड़ते दिख रहे हैं। विभिन्न दलों की जनसभाएं हो चुकी हैं। कइयों ने स्टार प्रचारकों के सहारे जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाबी हासिल की है। निर्दलीय उम्मीदवार पान की दुकानों, नाई की दुकानों, होटलों व रेस्टोरेंट पर होने वाली चर्चा के केंद्र में नहीं आ सके हैं। हालांकि ललितपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार गनेशराम रजक ने होर्डिग्स और हैंडबिल के सहारे चर्चाओं में आने की कोशिश की है जो नाकाफी साबित हो रही है। वर्तमान में पूरा चुनाव प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के आसपास टिका दिखाई दे रहा है।
निर्दलीय नहीं खोल सके खाता
जिले से कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार अभी तक विधानसभा का सफर तय नहीं कर सका है। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को पछाड़ पाएंगे। इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।