ललितपुर। मिशन फॉर क्वालिटी एजुकेशन के तहत निष्ठा ट्रेनिंग के ध्यानाकर्षण और आधार शिला शिक्षण संग्रह मॉड्यूल पर अध्यापकों की समझ विकसित करने के लिए 31 मई से राज्यस्तरीय आठ दिवसीय वेबीनार कार्यशाला आयोजित की जा रही है। बेसिक शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने कार्यशाला में संदेश देते हुए कहा कि हमें अलग-अलग तकनीकों व विधाओं से अपने लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास करने होंगे। इसमें नई तकनीक आइसीटी और ऑडियो, विजुअल सामग्री का समावेश जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय, प्रत्येक कक्षा, प्रत्येक बच्चा और प्रत्येक अभिभावक अलग है, इसलिए हमें भी अलग-अलग तकनीक और विधाओं का सहारा लेना होगा। गोरखपुर डाइट से मॉड्यूल के लेखन मंडल से जुडे़ जय प्रकाश ओझा ने मॉड्यूल की आवश्यकता महत्व और उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि पहले बच्चों को पिछड़ा मानकर उन्हें उपचारात्मक शिक्षण प्रदान किया जाता था, लेकिन इस धारणा में बदलाव किया गया है। अब उपचारात्मक शिक्षण के स्थान पर शिक्षण तकनीकी में सुधार कर नवीन आयामों का सहारा लिया जा रहा है। प्रत्येक छात्र को उसके न्यूनतम अधिगम स्तर तक लाने का लक्ष्य लेकर शिक्षण कार्य करना है।
उन्होंने प्रत्येक छात्र की उपलब्धि से संबंधित प्रपत्र तैयार किए जाने के बारे में जानकारी दी। छात्र उपयोगी शिक्षण विधियों को अपनाने पर बल दिया। तीसरे दिन देवीपाटन मंडल के मंडलीय की शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. विनय मोहन वन संबोधित करेंगे।
परिषदीय शिक्षकों को शिक्षण की तकनीकी और सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिले के नवाचारी शिक्षक और प्रधानाध्यापक अनंत तिवारी व उनके साथियों के सहयोग से काफी पहले से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ध्यानाकर्षण, आधार शिला, शिक्षण संग्रह मॉड्यूल को लिखकर अंतिम स्वरूप में लाने वाले वरिष्ठ शिक्षकों के अनुभवों को भी इस वेबीनार में साझा किया जा रहा है। जिन शिक्षकों ने इस मॉड्यूल को तैयार किया है, उन्हीं के विचारों से प्रतिभागियों को परिचित कराया जा रहा है। इसके पीछे मकसद इस मॉड्यूल की वास्तविक समझ प्रतिभागियों तक पहुंच सके। वेबीनार को सफल बनाने में लक्ष्मी निगम, अमरेंद्र मिश्रा, ह्दयेश गोस्वामी, प्राणेश मिश्रा, देवेंद्र रावत, खुर्शीद, इसरत अली, अभिषेक पुरवार, कृष्ण मुरारी उपाध्याय, आस्था चतुर्वेदी, कंचन प्रभा, संध्या, वंदना बड़ौनियां जुटे हैं।