- स्मार्ट मीटर से बन रहे बिल उपभोक्ताओं की जेब कर रहे ढीली
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्मार्ट मीटर लगने के बाद शहर में लोग बिल सुधरवाने के लिए बिजली विभाग के चक्कर काट रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनका बिल गर्मियों में 1600 आता था, तो किसी का 2400 रुपये आता था, लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई लोगों के बिजली के बिल में काफी इजाफा हुआ है और यह बिल अब बढ़कर नौ व दस हजार रुपये से अधिक हो गया है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
जनपद में विभिन्न श्रेणी के कुल 1.63 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जो बिजली का उपभोग कर रहे हैं। जबकि अकेले शहरी क्षेत्र में ही लगभग 35 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग द्वारा इन सभी उपभोक्ताओं के यहां अब पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को उतारकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसमें शुरुआत में उपभोक्ताओं के बिल काफी बढ़कर आ रहे हैं, इसके चलते उपभोक्ताओं की जेब का खर्च भी कई गुना बढ़ गया है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें पुराने मीटर का बिल तो 1600 रुपये आया, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल कई गुना बढ़कर दस हजार रुपये तक आ रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले भी बिजली विभाग के मीटरों में आ रही खपत के अनुसार ही उनका बिल आता था और अब नए स्मार्ट मीटर लग गए तो एकदम से बिल कई गुना ज्यादा आ रहा है। इसके लिए विभाग को स्मार्ट मीटरों की जांच कराना चाहिए।
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कैप्सन-शैलू चौरसिया
पहले पुराना मीटर लगा था। जिसका अप्रैल माह का बिल 1668 रुपये आया था। अब स्मार्ट मीटर लगने पर एक मई से एक जून तक का बिल 9902 रुपये आया है।
-शैलू चौरसिया, मोहल्ला नदीपुरा
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पुराने मीटर से बिजली का बिल गर्मियों में ढाई से तीन हजार तक आता था और उस समय भी बिजली विभाग के ही मीटर लगे थे, अब स्मार्ट मीटर भी बिजली विभाग ही लगवा रहा है और इसमें उनका मई माह में 9500 रुपये और जून माह में चौदह हजार रुपये का बिल आया है। -डीके चतुर्वेदी, गांधीनगर
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उपखंड कार्यालय में शिकायत लेकर रोज पहुंच रहे दर्जनों लोग
स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई गुना बिल आने पर लोग शिकायत करने उपखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं और बिल सुधारने की मांग कर रहे हैं, जिस पर विभाग द्वारा शिकायतकर्ताओं के घर चेक मीटर लगाकर जांच भी कराई जा रही है।
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स्मार्ट मीटर में जितनी यूनिट बिजली खर्च होगी, उतना ही बिल बनकर आता है। अब स्मार्ट मीटर से ही बिल जनरेट हो जाता है। शुरुआत में पहले महीने का बिल नहीं बनता है, बल्कि मीटर फीडिंग के बाद अगले महीने में पिछले दो महीनों का बिल बनकर आने से उपभोक्ताओं को बिल अधिक लग रहा है। यदि किसी उपभोक्ता काे बिल अधिक लग रहा है, तो उसके लिए चेक मीटर लगाकर बिल की जांच कराई जाएगी।-वीरभद्र सत्यार्थी, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम