ललितपुर। अवैध रूप से विद्युुत तार डालकर चलाए जा रहे नलकूप कनेक्शनों को बिजली विभाग द्वारा खोजकर वैध किया जाएगा। इसके लिए विभागीय टीमों द्वारा अवैध नलकूप संयोजनों को खोजकर वैध करने की कार्रवाई दिसंबर के अंत तक की जाएगी, जबकि दिसंबर के बाद अवैध रूप से संयोजन मिलने पर एफआईआर कराई जाएगी।
बिजली विभाग द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी और अस्थायी रूप से संयोजन दिए जाने का प्रावधान है। इसमें स्थायी संयोजनों के लिए लाइन और ट्रांसफार्मर के स्टीमेट के अनुसार धनराशि जमा कराई जाकर संयोजन दिए जाते हैं, जबकि रबी की फसल के दौरान चार माह के लिए अस्थायी नलकूप संयोजन देने का प्रावधान है, इसमें डबल फेस व थ्री फेस संयोजन के लिए दस हजार एवं पंद्रह हजार रुपये की धनराशि विभाग द्वारा ली जाती है और कनेक्शन दे दिया जाता है। इसके बाद भी बहुत से लोगों द्वारा आसपास रखे ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से विद्युत लाइन डालकर नलकूप से मोटरें चलाते हैं, जिससे विद्युत विभाग को राजस्व की क्षति होती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा अवैध रूप से विद्युत लाइनें डालकर नलकूप मोटरें चलाने वालों को खोजकर उनके अवैध कनेक्शनों को वैध करने की कार्रर्वाई किए जाने के आदेश जारी किए हैं। अवैध कनेक्शनों को वैध करने के लिए अभियान 31 दिसंबर तक चलाया जाएगा। इसके साथ ही यदि विद्युत स्टोर से उक्त कनेक्शनों के लिए विद्युत सामग्री वितरित की गई होगी, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध रूप से बिजली लाइन बनाकर नलकूप कनेक्शन चलाने वालों के कनेक्शन वैध करने की योजना पूर्व में भी आई थी, जिसे अब पावर कार्पोरेशन ने फिर से योजना के संबंध में आदेश दिए हैं, जो 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसके बाद यदि अवैध रूप से कनेक्शन चलते पाए जाते हैं, तो ऐसे कनेक्शनों को काटकर उन लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
आकाश सचान, अधिशासी अभियंता, द्वितीय।