ललितपुर। खनिज विभाग की उदासीनता और भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते जनपद के पर्यावरण को गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। जाखलौन में जंगल और पहाड़ियों का तेजी से खनन हो रहा है। विभागीय अधिकारी मौन हैं। जिसके चलते कई दुर्लभ प्रजातियों की जड़ी बूटियों के पौधों के विलुप्त होने की संभावनाएं उत्पन्न हो रही है। वहीं, दूसरी ओर खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपनी विवादित कार्यशैली से राजस्व को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। कस्बा जाखलौन में नरसिंह मंदिर के पीछे, गणेशपुरा श्मशान घाट के पास, गढ़न में और टोरिया के पास लाखों घन मीटर मोरंग की खुदाई कर अवैध तरीके से खनन कर्ताओं द्वारा बेंच दी गई है।
जाखलौन ऐरा की सीमा पर स्थित टोरिया जिस पर सिद्ध बाबा का मंदिर है और हजारों श्रद्धालु इस मंदिर पर प्रतिवर्ष आते हैं, इस टोरिया को भी अवैध खननकर्ताओं ने नहीं बख्शा। जेसीबी डंपर और बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर इस टोरिया की खुदाई का कार्य भी बड़े पैमाने पर किया गया। इसी प्रकार गणेशपुरा श्मशान घाट के पास एक पहाड़ जो किसी समय हरे-भरे वनों से आच्छादित रहता था, उस पहाड़ को भी अवैध खनन कर्ताओं ने चारों ओर से खुदाई कर मोरम बेचने का कार्य लगा दिया है। यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बहुत जल्दी ही इस पहाड़ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। जंगलों और पहाड़ों को नष्ट कर उनसे भारी मात्रा में जेसीबी के द्वारा मोरंग, खंडा, ग्रेनाइट, बालू और गिट्टी निकालकर अवैध रूप से बेचने का कार्य खनिज माफिया के द्वाोरा लगातार जारी है। जिस पर टास्क फोर्स का मौन मूक स्वीकृति प्रतीत हो रहा है।
एसडीएम ने पकड़ी अवैध खनन करते ट्रैक्टर ट्राली
तालबेहट। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार ने अपने भ्रमण के दौरान अवैध खनन ले जाते एक बिना नंबर के ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ कर कोतवाली में खड़ा करवा दिया। शनिवार को सुबह सूचना मिली की एक ट्रैक्टर से अवैध रूप से बालू लाई जा रही हैं। जिस पर उन्होंने मौके पर जाकर ट्रैक्टर चालक को रुकने का इशारा किया। परंतु, चालक वह वाहन को छोड़ कर भाग गया। जिसके बाद मौके पर गई पुलिस उसे लेकर कोतवाली आई। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इसकी सूचना खनन अधिकारी को दे कर कार्रवाई कराई जा रही हैं।