ललितपुर। बांसी में पकड़ी गई अवैध शस्त्र फैक्टरी में एक नाबालिग को जेल भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को एक शपथ पत्र देकर बांसी पुलिस पर उसके नाबालिग पुत्र को तमंचा फैक्टरी का संचालक बताकर झूठे आरोप में फंसाने का आरोप लगाया है। पिता ने निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।
थाना जखौरा के अंतर्गत ग्राम बांसी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को दिए शपथ पत्र में बताया कि उसके नाबालिग पुत्र को 10 सितंबर को मुहल्ले का एक व्यक्ति पुलिस चौकी बांसी लिवा ले गया था। आरोप है कि बांसी पुलिस ने उनके पुत्र की उम्र 25 वर्ष बताते हुए उसे तमंचा फैक्टरी का संचालक बताया और झूठे मुकदमे में जेल भेज दिया है। पिता के अनुसार पुत्र कभी विद्यालय नहीं गया है, उसका आधार कार्ड भी नहीं है। 18 वर्ष का न होने से उसका वोटर कार्ड भी नहीं बना है, इसलिए उसकी आयु का प्रमाण पत्र पुष्टि के लिए वह शपथ पत्र दे रहा है। पिता का कहना है कि उसके घर में उसका पुत्र व वह दो ही लोग हैं। उसकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि दिन में पेट भर खाना भी नसीब नहीं होता है और कई बार तो पिता-पुत्र को भूखा ही सोना पड़ता है। शपथ पत्र में उसने यह भी बताया कि उसका पुत्र तमंचा फैक्टरी का संचालक होता तो वह लोग भूखे नहीं रहते, पुलिस ने उसके पुत्र को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा है। पीड़ित ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लगाई नाबालिग को बचाने की गुहार
थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम बांसी के टंकीपुरा निवासी ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन भेजकर नाबालिग को पुलिस द्वारा अवैध शस्त्र फैक्टरी के झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में बताया गया कि नौ सितंबर को बांसी के मोहल्ला टंकीपुरा निवासी एक व्यक्ति ने उसके घर हुई चोरी की तहरीर पुलिस को दी थी। 10 सितंबर को वह व्यक्ति चोरी गए मोबाइल और 510 रुपये सहित नाबालिग को चौकी बांसी में पुलिस की सुपुर्दगी में सौंप आया। 12 सितंबर को पुलिस ने नाबालिग को तमंचा फैक्ट्री का संचालक बताकर जेल भेज दिया। 13 सितंबर को समाचार पत्रों में समाचार के माध्यम से परिजनों व ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। पिता ने बताया कि बेटा नाबालिग है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच कराने, नाबालिग को बचाने और उसे फर्जी मामले में फंसाने वाले बांसी चौकी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन पर सीता बरार, धरमवीर, बब्लू, जुगलकिशोर, सुमरनलाल, ललित बरार, बृजेश, मीना, अनिल, आकाश राजा आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, ग्रामीणों ने 14 सितंबर की शाम को बांसी पुलिस चौकी पहुंचकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन भी किया था और नाबालिग को झूठे मामले में फंसाने के आरोप लगाए थे।