मध्य-प्रदेश के टीकमगढ़ जनपद से चोरी से आ रही अवैध बालू पर प्रशासन रोक नहीं लगा पा रहा है। सोमवार की सुबह प्रशासन ने नेहरू नगर क्षेत्र में तीन ट्रक और अवैध बालू बरामद की है। हर रोज भारी मात्रा में अवैध बालू टीकमगढ़ से महरौनी के रास्ते ट्रकों से जिला मुख्यालय तक लाई जा रही है और ऊंचे दामों में बेची जा रही है।
जनपद में अवैध बालू के खनन पर केवल दिन के ही समय में रोक लग पाई है। रात होते ही अवैध खनन का कारोबार चरम पर पहुंच जाता है और सवेरा होने से पहले लाखों रुपये का राजस्व की हर रोज चोरी की जाती है। जनपद के तालबेहट क्षेत्र के पूराकलां थाना क्षेत्र में बालू का अवैध खनन और टीकमगढ़ से चोरी से आ रही बालू का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है। बीते दिनों जिला प्रशासन व खनिज विभाग द्वारा पूराकलां क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में टीकमगढ़ से आ रहीं बालू के अवैध कारोबार को रोकने के लिए मुखबिर की सूचना पर सदर उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित और जिला खनिज अधिकारी अरविंद कुमार ने सोमवार की सुबह नेहरू नगर क्षेत्र में पहुंचकर बालू से भरे तीन ट्रकों को जब्त किया है।
जब अधिकारी पहुंचे तो ट्रक से बालू खाली की जा रही थी, अधिकारियों को देखकर ट्रक चालक व अन्य लोग ट्रकों को छोड़कर भाग गए। इसी बीच एआरटीओ सतेंद्र कुमार, सदर क्षेत्राधिकारी हिमांशु गौरव व नेहरू नगर चौकी इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बालू को भराकर तीनों ट्रकों को कोतवाली में रखवा दिया गया है। पकड़े गए ट्रकों के क्रमांक एमपी-09 एचएच-4772, एमपी-09 एचएच-7372 और यूपी-94 टी-2939 है।
इतना लंबा रास्ता पार कर जिला मुख्यालय कैसे पहुंच रही बालू
जिला मुख्यालय से टीकमगढ़ के जिस घाट से बालू लाई जा रही है, इसकी कुल दूरी 70 किमी के करीब है। टीकमगढ़ से जनपद सीमा में प्रवेश करने के लिए महरौनी चैक पोस्ट पार करते हुए कोतवाली के सामने से ही गुजरना पड़ता है। इसके अलावा रास्ते में खितवांस चौकी भी पड़ती है और रास्ते में कई जगहों पर पुलिस 100 डायल के फोर्स का भी सामना होता है। इन सबके बावजूद भी अवैध बालू से भरे ट्रक जिला मुख्यालय तक सुरक्षित पहुंच जाते हैं और ऊंचे दामों में बेच भी दिए जाते हैं। इससे खनिज विभाग के अधिकारियों व महरौनी तहसील क्षेत्र के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
एसडीएम को की भ्रमित करने की कोशिश
कार्रवाई करने पहुंचे एसडीएम को अधिकारियों ने भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। जानकारी के अनुसार ट्रकों को मौके से भगाने के उद्देश्य से वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारियों ने एसडीएम से दूसरे रास्ते से छापेमारी करने की सलाह दी, लेकिन एसडीएम ने अपने निर्धारित किए गए रास्ते से ही छापेमारी के लिए जाना उचित समझा। इसके बाद ही ये ट्रक पकड़े जाने में कामयाब हो सके। इससे सवाल उठता है कि अवैध बालू से भरे ट्रकों को यहां से सुरक्षित निकालने में यहां के अधिकारियों की ही मिली भगत रहती है।