कैप्सन = सीएचसी में व्यवस्थाओं का जायजा लेते सीएमओ एवं अन्य
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तालबेहट। कोरोना वायरस से निपटने के लिए चल रही व्यापक तैयारियों के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट को लेबल-एक का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इस पर कई लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
सीएचसी में चिकित्सकों को मास्क और सेनेटाइजर के साथ बिना पीपी किट के ही आपातकालीन सेवाएं देनी पड़ रही हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है। इन अव्यवस्थाओं के बीच इसे लेबिल एक का आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। इसके तहत सीएमओ ने शनिवार के बाद रविवार को दूसरी बार सीएचसी का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं के बारे में अधीनस्थों से जानकारी ली। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर आपातकालीन व्यवस्था के तहत सीएचसी तालबेहट में आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जहां कोरोना संक्रमण के संभावित मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा। इसके अलावा सामान्य ओपीडी बंद करके आपातकालीन सेवाएं ही उपलब्ध रहेंगी।
सुविधाएं हैं नहीं, कैसे चलेगा आइसोलेशन वार्ड
तालबेहट। सीएचसी में कार्यरत चिकित्सकों में से कुछ चिकित्सक ही पिछले एक माह से आपातकालीन सेवाएं दे रहे है। संविदा पर कार्यरत अन्य चिकित्सकों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत चिकित्सकों का अतापता नहीं है। केवल आपातकालीन सेवाएं चालू होने के कारण यहां सेवा देने वाले चिकित्सक प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक मरीजों को देख रहे हैं। ऐसी स्थिति में सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड बनाया जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। वहीं लोगों ने आबादी के मध्य आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की है।
एक चिकित्सक देगा दो जगह सेवाएं
तालबेहट। सीएचसी को आइसोलेटिड वार्ड बनाने के साथ साथ एक ही चिकित्सक आपातकालीन सेवा में आने वाले मरीजों और वार्ड की जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा। ऐसी हालत में कोरोना संक्रमित मरीजों का कैसे उपचार होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। क्योंकि यहां प्रतिदिन आपातकालीन सेवा में एक सैकड़ा से अधिक मरीज आते हैं। वहीं, प्राइवेट चिकित्सालय बंद होने से मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।