बार। अभिनेता साहिल मिश्रा अब किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल, क्राइम एलर्ट और तेलगु फिल्म ‘सातकर्णी गौतमी पुत्र’ में अहम भूमिका निभाकर अपनी पहचान बनाने के बाद अब बुंदेली शार्ट फिल्म ‘मटक विवाह’ में खलनायक का मुख्य किरदार निभा रहे हैं। वह जिले के कस्बा बार के निवासी हैं। उनका कहना है कि वन लाइन करेक्टर से लीड रोल तक सफर बहुत इंट्रेस्टिंग रहा है।
अभिनेता साहिल मिश्रा की शिक्षा कस्बा बार से शुरू हुई। ललितपुर से इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने के बाद भोपाल से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की। अभिनेता साहिल के पिता प्रभुदयाल मिश्रा प्रधानाध्यापक हैं। साहिल का कहना है कि पापा चाहते थे कि डॉक्टरी की पढ़ाई करके अपना क्लीनिक डालें, लेकिन सब उल्टा हुआ। वह एक्टिंग लाइन में चले गए। कुछ समय के लिए परिवार वाले नाखुश रहे, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। अभिनय की यात्रा झांसी से शुरू हुई, जहां थिएटर की दुनिया से शुरुआत हुई। इसके बाद भोपाल में थिएटर में काम किया। करीब 13 साल थिएटर में काम करने के बाद ‘सत्याग्रह’ फ़िल्म में मौका मिला। इसे प्रकाश झा बना रहे थे। फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, करीना कपूर, अर्जुन रामपाल आदि सुपरस्टार थे। इसके बाद एक के बाद एक सीरियल और फ़िल्म में काम करने का मौका मिलता रहा। इसी दौरान सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल, क्राइम एलर्ट में किरदार निभाए। तेलगु फिल्म सातकर्णी गौतमी पुत्र में भूमिका निभाई। फ्रॉड सैयां, लिपिस्टिक अंडर माय बुर्का में कास्टिंग के साथ एक्टिंग की। जय संतोषी मां में लीड रोल कर रहीं रतन सिंह ठाकुर के अपोजिट रोल किया। ‘बेइंतहा’ और ‘पिया बसंती रे’ सीरियल में भी अभिनय का मौका मिला।बुंदेलखंडी शॉर्ट फिल्म मटक विवाह की शूटिंग चल रही है। इसमें खलनायक की मुख्य भूमिका साहिल की है। इसके बाद तेलगु फिल्म की शूटिंग नवंबर या दिसंबर में शुरू होगी। वेबसीरीज में मजाकिया टाइप के डायरेक्टर की अहम भूमिका में आने वाले हैं। साहिल मिश्रा बताते हैं कि कुछ सीरियल और फ़िल्म की कास्टिंग भी कर रहे हैं, जो 2020 के अंत में रिलीज होंगी।
साहिल ने बताया कि मैं यूपी से हूं। यहां भाषा में थोड़ा फर्क है। थिएटर से शब्दों के चयन की समझ आई। अगर मैं थिएटर नहीं करता तो अभिनय की बारीकियों की समझ नहीं आती। आलोक दादा और जयंत देशमुख के साथ नटसम्राट जैसे महानाटक का हिस्सा बना, जिसका मुझे हमेशा गर्व रहेगा। आलोक दादा और जयंत देशमुख दादा के साथ रहकर मैंने एक्सप्रेशन पर काफी काम किया। थिएटर ने मुझे परिपक्व बना दिया, जिसका मैं सदैव आभारी रहूंगा।
मैंने कई नाटकों का मंचन किया जिसमें प्रमुख हैं नटसम्राट, लछिया, बाबूजी, अंधेर नगरी चौपट राजा, रोमियो की जूलियट, बेहतर है मौत, हां नी तो, बांछाराम की बगिया आदि नाटक हैं। मेरी पर्सनालिटी के हिसाब से मुझ पर निगेटिव रोल ज्यादा शूट करते हैं। मेरा फेस विलेन के लिए ही बना है। लोग मुझे निगेटिव रोल में ही पसंद करते हैं। मुझे भोजपुरी फिल्म में लीड कैरेक्टर का ऑफर है, लेकिन मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं।
मटक विवाह का रोल काफी चैलेंजिंग
अभिनेता साहिल मिश्रा बताते हैं कि ‘मटक विवाह’ में काम करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है, क्योंकि इससे मुझे अपनी जन्मभूमि में अभिनय करने का मौका मिला। मटक विवाह के डायरेक्टर श्रीराम तिवारी व प्रोड्यूसर अखिलेश चौबे ने मुझे फ़िल्म की स्क्रिप्ट सुनाई और मैंने तुरंत हां कर दी, क्योंकि कॉन्सेप्ट बहुत अच्छा था। उन्होंने बुंदेलखंड की फ़िल्म में काम करने का मौका दिया। फिल्म में विलेन का रोल करना मेरे लिए काफी चैलेंजिंग है। बुंदेलखंड से ताल्लुक रखता हूं, लेकिन फिल्म में बोली गई शुद्ध बुंदेलखंडी सीखने के लिए मैंने लोगों को ऑब्जर्व किया, जो शब्द मुझे कठिन लगे, मैंने उन्हें डायरी में लिखकर याद किया। ग्रामीणों की चाल-ढाल भी सीखी, ताकि रोल में जान फूंक सकूं। इसमें मैं एक क्रूर और लालची इंसान की भूमिका में नजर आऊंगा।