- कृषि विभाग में आए थे योजना में डेढ़ सौ आवेदन, दो क्लस्टर में चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कृषि विभाग में संचालित हो रही सोलर फेंसिंग योजना के तहत 150 क्लस्टर के लिए किसानों ने आवेदन किए थे, इनमें सौ क्लस्टर के आवेदन किसानों की जमीन शून्य होने, पंजीयन नहीं होने या पोर्टल पर पंजीयन स्वीकार नहीं होने के चलते निरस्त कर दिए गए हैं। जबकि अब मात्र पचास क्लस्टर के आवेदन चयनित किए गए हैं।
बुंदेलखंड एकीकृत कृषि विकास योजना सोलर फेंसिंग के अंतर्गत जिले में 104 क्लस्टर के लक्ष्य मिले थे। इसमें यह योजना जंगली जानवरों व अन्ना जानवरों से फसलों की सुरक्षा के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। इसके तहत किसान दस से बीस हेक्टेयर तक क्षेत्रफल के न्यूनतम पांच किसानों के क्लस्टर को सोलर फेसिंग के अस्सी फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। इसमें किसानों को मात्र बीस फीसदी लागत क्लस्टर की ऊंचाई 1.5 मीटर, 1.8 मीटर और सोलर फेंसिंग सात फुट तक जंगली, निराश्रित पशुओं से सुरक्षा की व्यवस्था के लिए पांच सौ सहजन के पौध प्रत्येक क्लस्टर को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत अब तक जिले में इस योजना में 150 क्लस्टर के लिए आवेदन किए गए और इनमें सौ क्लस्टर के आवेदन ऐसे पाए गए, जिनमें कृषकों की जमीन शून्य होने, कृषक पंजीयन न होने और दर्शन-2 पोर्टल द्वारा कृषक पंजीयन स्वीकार न होने की वजह से यह आवेदन निरस्त हो गए। इस प्रकार अब मात्र पचास क्लस्टर मानक के अनुसार चयनित किए गए हैं। इसमें भी अब तक मात्र पांच क्लस्टर के आवेदकों द्वारा ही फेंसिंग लगवाने के लिए धनराशि जमा की है।
कुल धनराशि का बीस फीसदी होता है जमा
योजना में किसानों को शासन द्वारा अस्सी फीसदी अनुदान दिया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को बीस फीसदी धनराशि ही जमा करनी है, बाकी अस्सी फीसदी अनुदान की प्रक्रिया शासन द्वारा की जाएगी।
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बुंदेलखंड एकीकृत कृषि विकास योजना सोलर फेंसिंग के अंतर्गत जिले में 150 क्लस्टर के लिए आवेदन आए थे, जिनमें सौ क्लस्टर के आवेदनों में प्रपत्रों की कमी के कारण उनके आवेदन स्वीकार नहीं हुए हैं। किसान इस योजना में क्लस्टर बनाकर कृषि विभाग में आवेदन कर योजना का पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लाभ ले सकते हैं।
-यशराज सिंह, उप कृषि निदेशक।