ललितपुर। जिला अस्पताल में आयुष भवन को गंदगी के अंबार से निजात नहीं मिल पा रही है। यहां पर तीनों ओर गंदगी होने से बदबू आ रही है। मरीजों को होम्योपैथी चिकित्सा में इलाज कराने के लिए बैठना मुश्किल हो रहा है। यही नहीं, योगा वेलनेस कक्ष की सफाई नहीं होने से योग को गति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज कैसे स्वस्थ होंगे।
शासन द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। देश में बढ़ रहे विभिन्न बीमारियों के मरीजों की संख्या को कम करने के लिए योग पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिले में स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां पर रोगियों को स्वच्छ रखने की जानकारी देने वाले चिकित्सक ही अपने परिसर को साफ-सुथरा नहीं रख पा रहे हैं। ऐसी ही स्थिति जिला अस्पताल परिसर के आयुष भवन की है। यहां पर होम्योपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुर्वेदिक पद्घति से उपचार किया जाता है। इसी भवन में प्रधानमंत्री का सपना ‘करो योग रहो निरोग’ के लिए भी योगा वेलनेस सेंटर चलाया जा रहा है। क्षय रोगियों को उपचार की सुविधा भी इसी भवन में है।
यहां पर प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। इसके अलावा क्षयरोगी भी दवा लेने के लिए आते हैं। लेकिन, यहां पर भवन के तीनों ओर फैली गंदगी से बैठना मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि परिसर के बायीं ओर भारी गंदगी पड़ी रहती है, जो पीछे तक फैलती जा रही है। रही-सही कसर अस्पताल प्रबंधन द्वारा बनाए गए कचरा घर से पूरी हो गई है। यहां कचरा घर का निर्माण तो करा लिया, लेकिन कचरे का उठान नहीं हो रहा है। कचरा घर पूरी तरह से भर गया है। कचरा घर को बंद नहीं करने से कचरा लगातार फैलता ही जा रहा है। अब स्थिति यह है कि कचरा आयुष भवन के दरवाजे तक आ गया है। आयुष भवन तीनों ओर से कचरा में घिर गया है। कचरा का उठान नहीं होने से कचरा सड़ रहा है और बदबू मार रहा है। भवन की खिड़कियों में पल्ले नहीं होने से बदबू अंदर आ रही है। यहां पर मरीजों को बैठना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मर्ज से परेशान होकर लोगों को मजबूरी में बदबू में बैठ रहे हैं। योग करने वाले लोग तो योग करने के लिए अधिक देर तक नहीं ठहर पा रहे हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन अनदेेखा कर रहा है।
कचरा को खा रहीं गायें
शासन गोशालाएं स्थापित कर गायों को सुविधाएं दे रहा है। सर्दी से बचाव के लिए गोशालाओं के शेड में त्रिपाल लगाईं गईं। अलाव की व्यवस्था की गई। खाने के लिए भूसा का पर्याप्त इंतजाम है। लेकिन, अस्पताल में बने कचरा घर को खुला छोड़ दिया गया है। कचरे को गायें खा रही हैं।
आठ माह बाद भी नहीं हो सकी सफाई
जिला अस्पताल परिसर के आयुष भवन में योगावेलनेस सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसमें बीते वर्ष मई माह में शार्ट सर्किट से आग लग गई थी, जिससे इस कक्ष में रखी होम्योपैथी दवाइयां व अन्य सामान जल गया था, तब से अब तक इसकी सफाई नहीं हो सकी है। इससे योग करने में परेशानी हो रही है। अस्थाई तौर पर होम्योपैथी ओपीडी में योग कराने के लिए कहा गया था, लेकिन ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक होने पर योग करने में महिला मरीजों को परेशानी हो रही है।
पेट दर्द होने के कारण होम्योपैथी में उपचार कराने लिए आए थे। यहां पर कक्ष के चारों ओर गंदगी फैली हुई है, जिसे शीघ्र साफ कराया जाए।
- वेदप्रकाश पुरोहित
आयुष भवन के तीनों ओर गंदगी भरी पड़ी है। इसका उठान समय से नहीं किया जा रहा है। इससे कचरा घर पूरी तरह से भर गया है।
- सीताराम
अस्पताल में मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, जहां पर साफ-सफाई से रहने की सलाह दी जाती है। लेकिन, यहां पर बदबू के चलते रुकना मुश्किल हो रहा है।
- सावित्री
होम्योपैथी कक्ष में इलाज कराने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन, कक्ष की खिड़कियों में पल्ले न होने से बदबू आ रही है।
- रेनका सिलगन
आयुष भवन के पास के कचरा का उठान कराने के लिए नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी को पत्राचार किया गया है। लेकिन, अब तक इसका उठान नहीं हो सका है। इससे कचरा लगातार फैलता जा रहा है।
- डा. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष