ललितपुर। रबी की फसलों की बुवाई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन अब तक नहर की सफाई नहीं हो पाई है। नहरों में कहीं गंदगी भरी पड़ी हुई तो कहीं पर झाड़ियां खड़ी हुई हैं। ऐसे में नहरों का पानी टेल तक पहुंचना तो दूर आगे तक नहीं बढ़ पाएगा। इससे किसान सिंचाई को अधिक परेशान होंगे और नहर का पानी आसपास में ही जलभराव होकर बर्बाद हो जाएगा। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
जनपद में खरीफ फसलों के बर्बाद होने के बाद किसान उम्मीद लगाकर रबी फसल की बुवाई करने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसको लेकर खेतों की सफाई कार्य पूरा कर लिया है। खाद बीज भी खरीद रहे हैं। बुवाई की व्यवस्थाओं को के लिए कुछ किसान बैंकों व साहूकारों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कुछ उपज बेचकर खाद बीज खरीद रहे हैं।
एक अक्तूबर से दलहनी फसलों चना व मटर की बुवाई का सीजन शुरू हो गया है। कुछ किसानों ने बुवाई शुरू भी कर दी है। इसके अलावा किसान अन्य फसलों की बुवाई की तैयारियां कर रह हैं। हालांकि कई किसान नहरों के खुलने के लिए बुवाई का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन नहरों का खुलना तो दूर सफाई तक नहीं की गई है। ऐसा ही हाल गोविंद सागर बांध की बांयी व दांयी नहर का बना हुआ है। यहां पर नहर में पड़ी गंदगी व उगी झाड़ियों से पानी शहर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो रहा है। बायीं नगर में आजादपुरा में नहर गंदगी से बजबजा रही है। कचरा से पूरी तरह से भरी पड़ी हुुई है। वहीं, तुवनचौराहा पर पुलिया के पास भारी मात्रा में कचरा फंसा हुआ है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आगे से नहर में जगह-जगह झाड़ियां खड़ी हुईं हैं। यही हाल महिला थाना से बसपा कार्यालय तक का बना हुआ है। यहां पर झाड़ियों से नहर नजर तक नहीं आ रहा है। वहीं कचरा की कचरा मात्र नजर आ रहा है। इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय के पास कचरा व नहर में पुराव तक हो गया है। यही हाल ग्राम रोड़ा तक बना हुआ है। इसके अलावा दांयी नहर भी पिसनारी से लेकर रजारा इमलिया, बरखिरिया, खजरा, देवरान आदि सभी माईनरों का बना हुआ है। ऐसे में किसान नहर में पानी आने को लेकर चिंतत बने हुए हैं।
नहर खुलने में तीन सप्ताह का समय है शेष
जनपद में रबी फसलों की बुवाई व पलेवा के लिए दस नवंबर से नहरों का संचालन किया जाएगा। नहरों में पानी आने की किसान उम्मीद लगा रहे हैं। लेकिन तीन सप्ताह में इतनी लंबी सफाई होना मुश्किल हो रहा है। इसको लेकर किसान टेल तक पानी मिलने को लेकर काफी चिंतित बने हुए हैं।
नहर की सफाई कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, जिससे टेल तक पानी पहुंचा सके। किसान समय से बुवाई कर सकें।
- प्रीतम
रबी फसलों की बुवाई का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन नहरों से पानी आना तो दूर सफाई कार्य तक पूरा नहीं हो सकी है।
- अनुराग
नहरों में झाड़ियां व घास खड़ा हुआ है। ठीक से सफाई कार्य नहीं किया गया तो टेल तक पानी नहीं पहुंच सकेगा।
- प्रकाश विश्वकर्मा
विभागीय अधिकारियों को समय से नहर की सफाई का कार्य पूरा कराना चाहिए। इससे किसानों को समय से पानी मिल सके।
- रामप्रकाश तिवारी
नहरों की सफाई के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग द्वारा एग्रीमेंट किए जा रहे हैं। 11 नवंबर से नहरों का संचालन किया जाएगा, तब तक सफाई कार्य पूरा हो जाएगा।
- मनमोहन, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड