सोमवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया, यहां पर मनोज कुमारी ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उसका दस दिन से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है, उन्होंने सुविधा शुल्क मांगे जाने की भी शिकायत की। कसबा बांसी निवासी जगदीश के परिवार की महिला जच्चा- बच्चा वार्ड में भर्ती है, उन्होंने बताया कि एक आशा कार्यकत्री ने उससे अस्पताल में सुविधा मुहैया कराने के लिए रुपये ले लिए हैं।
बहुत से मरीजों के पलंग पर निजी पंखे चल रहे थे, जबकि अस्पताल के पंखें बंद थे। महिला आयोग की सदस्या ने इसका कारण पूछा तो महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. हरेंद्र सिंह चौहान ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चों को सर्दी न हो जाए, इसलिए पंखे बंद हैं। हालांकि, जब उनसे निजी पंखों के बारे में सवाल किया गया तो वह निरुत्तर हो गए।
इसके बाद वह जिला जेल गईं, जहां पर महिला बंदियों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, यहां पर एक बैरक में 43 महिला बंदी पाए गए। हालांकि, जेल प्रशासन ने बंदियों की सुविधा को देखते हुए एक अन्य हाल के बीच की दीवार गिरवा दी है, जिससे अब बैरक में जगह दिखाई देने लगी है। यहां पर गर्मी के कारण कूलर की समस्या दिखाई दी, इस पर महिला आयोग की सदस्य के साथ में आए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने दो कूलर उपलब्ध कराने की बात कही।
महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में मिली शिकायतों को शासन के समक्ष रखा जाएगा, इसके बाद कार्रवाई का निर्णय वहीं से तय होगा। इस मौके पर एसडीएम पूनम निगम, मीना कुशवाहा, सीमा यादव, गीता मिश्रा आदि उपस्थित रहीं।