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रेलवे: जंक्शन की घोषणा से बढ़ी सुविधाओं की उम्मीदें

Mon, 29 Jan 2018 01:02 AM IST
Lalipur
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rail station - फोटो : demo
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ललितपुर रेलवे स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद अब स्टेशन पर यात्री सुविधाएं और ट्रेनों के स्टॉपेज की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। प्लेटफार्म पर ट्रेन की पोजीशन वाले डिस्प्ले और शौचालय की सुविधा की अधिक जरूरत बताई जा रही है। जबकि फुट ओवर ब्रिज पर चढ़ने में बुजुुर्गों को परेशानी होने के चलते ब्रिज में सुधार के साथ स्टेशन से बाहर दोनों ओर ब्रिज बढ़ाने की मांग भी स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही है।
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ललितपुर से टीकमगढ़ रेल लाइन का सुचारु संचालन सबसे पहले 27 अप्रैल 2013 को झांसी-टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद इस रूट पर 14 अक्टूबर 2016 को दूसरी ट्रेन भोपाल से खजुराहो तक महामना एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गई। उदयपुरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित 1950 मेगावाट क्षमता के बजाज पावर प्लांट के लिए हर रोज कोयले की रैक भी ले जाई जाती है, आगामी समय में सात रैक तक की मांग पूरी होनी है। इस प्रकार इस रूट पर दो सवारी ट्रेनों के साथ ही कोयले से भरी मालगाड़ी भी चलती हैं। जबकि रेल मंत्रालय द्वारा पूर्व में इस रूट पर और भी नई ट्रेनों का संचालन शुरू करने की घोषणा की जा चुकी है। टीकमगढ़ रेल लाइन शुरू होने के पांच वर्ष बाद अब ललितपुर रेलवे स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिल गया है, इससे अब ललितपुर स्टेशन पर कई प्रकार की यात्री सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही वर्षों से उठने वाली कई मांगों के पूरी होने की संभावना भी बढ़ गई है। परिचर्चा के दौरान किसी ने रेलवे स्टेशन पर महिला और बुजुर्गों को होने वाली समस्याएं गिनाईं, तो किसी ने नई ट्रेनों के स्टॉपेज को महत्वपूर्ण बताया है। किसी ने शौचालय और डिस्प्ले स्क्रीन को प्लेटफार्म पर बढ़ाने की मांग भी रखी। स्टेशन परिसर में विभिन्न सुविधा स्थलों को बड़े बोर्ड पर चिह्नीकरण कर लगाने की जरूरत बताई। दैनिक यात्रियों व स्थानीय नागरिकों ने रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन स्टैंड दोबारा से नियमित संचालित करने की बात कही।

वाहन स्टैंड की समस्या का निराकरण किया जाना बहुत जरूरी है। दैनिक यात्रियों को वाहन स्टैंड नहीं होने परेशान होना पड़ रहा है। सुबह के समय झांसी की ओर जाने वाली मंगला एक्सप्रेस और शाम के समय झांसी से ललितपुर की ओर आने वाली केरला एक्सप्रेस का स्टॉपेज की काफी जरूरत है, इससे दैनिक यात्रियों को आने में अधिक परेशानी न हो। स्टेशन परिसर के बाहर ऑटो स्टैंड ठीक से व्यवस्थित नहीं होने और ऑटो संचालकों के लिए स्टेशन के मुख्य द्वार पर एकत्रित होने से अधिक परेशानी होती है।
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प्रमोद कुमार, दैनिक यात्री, झांसी।

प्लेटफार्म की संख्या बढ़ना जरूरी
लखनऊ-झांसी इंटरसिटी को ललितपुर से चलाया जाना चाहिए। ट्रेनों की संख्या के लिहाज से यहां प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। ताकि टीकमगढ़, खजुराहो की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए अलग से प्लेटफार्म निर्धारित हों। नया फुटओवरब्रिज स्टेशन के बाहर दोनों ओर नेहरूनगर की ओर और दूसरी ओर टिकट घर की ओर बढ़ना चाहिए। ललितपुर स्टेशन से निकलने वाली साप्ताहिक ट्रेनों का सभी दिनों नियमित स्टॉपेज होना चाहिए, इससे दुर्घटना की संभावना कम रहे। वर्तमान में दोनों प्लेटफार्म पूरी तरह कबर्ड होना जरूरी है, ताकि यात्रियों को बारिश या गर्मियों में परेशानी न उठानी पड़े।
हरीनारायण कटारे।

टिकट काउंटर बढ़ाने की है जरूरत
रेलवे स्टेशन के बाहर टिकट काउंटरों पर ट्रेन आने के समय अधिक भीड़ रहती है, इससे कई बार ट्रेन छूट जाती है। इसलिए यहां टिकट काउंटर बढ़ाने की जरूरत है। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के पास स्टील की लगाई गई रेलिंग के बीच गैप काफी कम है, इससे सामान के साथ निकलने में काफी परेशानी होती है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए नए फुटओवर ब्रिज पर चढ़ने में भी असुविधा होती है। भारी बैग होने पर तो समस्या और भी अधिक होती है। दो और तीन नंबर प्लेटफार्म पर शौचालय में नियमित सफाई की आवश्यकता है। हालांकि अब जंक्शन होने के बाद यहां सुविधाओं में वृद्धि की संभावना तो बढ़ी है।
नेमीकुमार जैन, अध्यक्ष जिला बार संघ।  

ढालयुक्त बनाए फुट ओवर ब्रिज
रेलवे स्टेशन के बाहर परिसर में सुलभ कांप्लैक्स बनना चाहिए। प्लेटफार्म पर शौचालय या अन्य सुविधाएं के लिए बड़े बोर्डों पर स्पष्ट लिखकर इंडीकेशन लगाने की आवश्यकता है। आरपीएफ थाना के पास प्लेटफार्म एक से दो के लिए फुट ओवर ब्रिज की ऊंचाई अधिक होने और पूर्ण सीढ़ी युक्त होने के कारण बुजुर्गों को सामान सहित चढ़ने में काफी परेशानी होती है। ब्रिज में सुधार कर ढालयुक्त (स्लोव में) बनाने और स्टेशन के बाहर दोनों ओर बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन और इंदौर से खजुराहो ट्रेन का संचालन बढ़ने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। ललितपुर को जंक्शन मिलने के बाद अब यह सुविधाएं शीघ्र ही बढ़ने की उम्मीद है।
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-आदर्शकांत हुंडैत, स्थानीय नागरिक।
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