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गृहप्रवेश के लिए कतरा रहे हैं लाभार्थी

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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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पाली। लगभग एक दशक पूर्व जब आवासीय कॉलोनी का निर्माण शुरू हुआ तो तो इसमें आसरा पाने की होड़ मची थी। इसके बाद जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना लोगों के बीच में आयी तो लोगों ने आवासीय कॉलोनी में आसरा पाने से दूरी बनानी शुरू कर दी। जिन लाभार्थियों को इसकी चाबी मिल गयी वह भी इनमें ताला लटकाए हैं।
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कॉलोनी में अभी भी बिजली, सड़क, पानी के सुविधाएं सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई। जिसकी वजह से लोग प्रवेश लेने से कतरा रहे हैं। वर्ष 2009 में गरीबों के लिए आवासीय कॉलौनी स्वीकृत हुई थी। अपनी लेटलतीफी के चलते वर्ष 2018 में इसका निर्माण पूर्ण हो पाया। जिसमें भी आवासों को कई सुविधाओं से वंचित रखा गया। मुख्य दरवाजों को छोड़ दिया जाए तो इसके रोशनदानों एवं किचन आदि के दरवाजे नहीं लगे हैं। कॉलोनी में एक बड़ी पानी की टंकी बनी हुई है। इससे हर एक ब्लॉक के सामने नल भी लगा दिए गए, जिसकी पाइप लाइन उखड़ी पड़ी है। आवासीय क्षेत्र में बिजली की लाइन भी बिछा दी गई। आवासीय कालोनी का मुख्य प्रवेशद्वार पर कोई दरवाजा नहीं है। इसकी चहारदीवारी का एक हिस्सा धराशायी पड़ा है । कालोनी को जाने के लिए एवं उसके अंदर अभी तक कोई सड़क का निर्माण नहीं किया। इन सबके बावजूद कच्चे मकानों एवं झोपड़ पट्टीयों में गुजरबसर करने वाले लोगों की जरूरत को देख आवासीय कालोनी का वितरण कर दिया गया। बीते 16 दिसंबर 2018 को एक आवासीय भवनों का वितरण किया गया । 144 नग भवनों वाले इस कालोनी के 36 नग भवन जरूरतमंदों को वितरित कर दिए गए । बाकी शेष आवंटन अभी बाकी है। जरूरतमंदों ने आवास की चाबी पाने के बाद खुशी जाहिर भी की थी । जिसके बाद से इन आवासों में ताला ही लटका है । किसी ने भी अभी तक अपने गृहप्रवेश करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसकी साफ वजह यहां मूलभूत सुविधाओं का सुचारु रूप से चालू न होना है। जहां परियोजना निदेशक इसे नगर पंचायत को हैंडओवर करने की बात कह रहे तो वहीं नगर पंचायत इसमें सुविधाओं का अभाव बता रही ।

असामाजिक तत्वों की पनाहगार बनी कालोनी..
पाली। आवासीय कालोनी के मुख्य गेट पर कोई दरवाजा नहीं बना है । इसके अंदर तैयार आवास भी खुले पड़े है । चौकीदार भी कोई दिखाई नहीं देता है । जिसके चलते यहां असमाजिक तत्व अपनी गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं । जिनके चर्चे भी भी खूब बने रहते हैं ।
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आवासीय कालोनी में अब नहीं रही दिलचस्पी
पाली। कल तक जो लाभार्थी आवासीय कालोनी में सिर छिपाने की आस लगाए थे। वह भी अब इससे किनारा कर रह हैं। इसकी वजह ऐसे जरूरतमंदों के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना की सौगात। जब अपने ही आंगन में आवास मिले तो दूर क्यों जाए । जिसगके चलते आवासीय कालोनी का शेष आवंटन भी अभी बाकी है ।

लाभार्थियों से बात
आवासीय कालोनी का लाभ मिला है। इसके दरवाजे क्षतिग्रस्त है, फर्श उखड़ी पड़ी है। आसरा बना भी लिया तो इसे दुरुस्त कराने में खर्च करना पड़ेगा।
भागीरथ कुशवाहा, लाभार्थी

सड़क के नाम पर कालोनी में कुछ भी नहीं है। बरसात में यही परेशानी होगी, और भी सुविधाओं का अभाव बना है। जिससे अब तक इसे आवास नहीं बनाया।
प्रकाश साहू, लाभार्थी
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आवासीय कॉलोनी नगर पंचायत के हैंडओवर कर दी गयी है। इसकी चहारदीवारी गिरने की भी जानकारी मिली है।
राजीव शुक्ला, परियोजना अधिकारी डूडा

आवासीय कालोनी में अभी भी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी है। फिलहाल आवासीय कालोनी नगर पंचायत के हैंडओवर नहीं हुई है। सुविधाओं के अभाव में लोग आवास में जाने से कतरा रहे हैं।
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रामकुमार चौरसिया, अध्यक्ष नगर पंचायत पाली
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