कल खेली जाएगी होली, बृहस्पतिवार को मनेगी भाईदूज
संवाद न्यूज एजेंसी,
ललितपुर। जनपद में होलिका दहन के लिए कई दिनों से जगह-जगह तैयारी की जा रही थी। सोमवार की देर शाम को जिले में जगह-जगह होलिका दहन की तैयारी की गई थी। रात में विधि-विधान के साथ होलिका का दहन किया गया। अब होलिका दहन के बाद पूरे जिले में तीन दिन तक होली की धूम रहेगी और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रंगों के साथ कीचड़ की होली खेली जाएगी।
देर रात को मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। लोगों द्वारा कई दिनों से होलिका दहन के लिए लकड़ियां, झाड़ियां एकत्रित की जा रही थीं। बच्चों और युवाओं की टोलियों ने इसके लिए घर-घर जाकर चंदा भी एकत्रित किया। देर रात में लोगों ने पूजन करके विधि-विधान के साथ होलिका जलाई। इसके बाद लोगों ने होलिका दहन की परिक्रमा की। इसके बाद लोगों ने होलिका की अग्नि से घरों में बनाए गए बरुला को जलाने की परंपरा निभाई। वहीं, गेहूं की बालियाें को भी परंपरानुसार सेंककर घरों में रखते हैं।
होलिका दहन के बाद अब मंगलवार को लोग होलिका की अग्नि को घरों में लाकर चूल्हे की अग्नि प्रज्ज्वलित करते हुए उसमें बाटियां सेकेंगे और भगवान को भोग लगाएंगे। इसके साथ ही होली की पहली अग्नि में पूरा भोजन पकाकर खाएंगे। हालांकि मंगलवार को चंद्रग्रहण होने के कारण कल बुधवार को होली खेली जाएगी। ऐसे में कल बुधवार को हुरियारे भी जमकर कीचड़ और रंग की होली खेलेंगे।
वहीं शहर के मोहल्ला महावीरपुरा, चौबयाना, बजरिया, बड़ापुरा, लक्ष्मीपुरा, चंडीमंदिर, पुराना सूचना केंद्र, चांदमारी पर सबसे अधिक होली खेलने की परंपरा है। वहीं मोहल्लों के बच्चे और बड़े टोलियां बनाकर होली खेलते नजर आएंगे। मंदिरों में भी होली का रंग भगवान को चढ़ाते हुए भोग लगाकर श्रद्धालु होली के दिन की शुरुआत करेंगे।