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होली: रंग और गुलाल का बाजार गुलजार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। होली में मात्र एक दिन शेष रह गया है। शहर हुरियारों के रंग में रंगा नजर आने लगा है। घंटाघर व कटरा बाजार में दुकानें सज गई हैं। विभिन्न तरह के रंग, गुलाल व पिचकारियों की भरमार है। खरीदारों की भीड़ भी जुटनी शुरू हो गई है।
रविवार रात्रि में होलिका दहन के बाद सोमवार को होली खेली जाएगी। घंटाघर, कटरा बाजार में रंग व पिचकारियों की दुकानें लगी हुई हैं। कई तरह की देसी पिचकारियां नजर आ रही हैं, इनमें बंदूक, वाटर टैंक, हाथी, टोम, कछुआ, टॉमजेरी, गुड्डा, दिल के आकार की पिचकारियां सजी हैं। टैंक व बंदूक की पिचकारी की बिक्री ज्यादा हो रही है। दुकानदार अमित जैन ने बताया कि इनके दाम अलग-अलग हैं। इस बार 10 से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारी बिक रही है।
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बाजार में रंगों की भी बहार है। गुलाल व रंग के पैकेट पांच से 25 रुपये तक के हैं। खुले में गुलाल व रंग भी बिक रहे हैं। इसमें रसायनिक रंगों की भी खूब बिक्री हो रही है। चिकित्सक केमिकल युक्त रंगों से होली न खेलने की सलाह दे रहे हैं। यही नहीं बाजार में होली के रंगों के साथ खानपान की वस्तुओं में भी रसायनिक रंगों का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। ऐसी वस्तुओं के सेवन करने से लोगों को बीमारियों के साथ चेहरे की त्वचा को नुकसान हो सकता है।
वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. अंबिका दुबे ने बताया कि होली पहले प्राकृतिक रंगों से खेली जाती थी, इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता था, लेकिन अब प्राकृतिक रंग गायब हो गए हैं। उनके स्थान पर रसायनिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है। अब बाजार में रंग या गुलाल में ऑक्साइड ग्लास, पार्टिकल्स, अभ्रक चूर्ण और एनीलिन आदि हानिकारक पदार्थ मिले होते हैं, जो त्वचा, नाखूनों व मुंह से शरीर में प्रवेश कर अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में हर्बल गुलाल व रंग का प्रयोग करें। साथ ही सावधानी के साथ होली खेलें। आंखाें को सुरक्षित रखने के लिए चश्मा अवश्य पहनें।
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होली पर बरतें ये सावधानी
- शरीर व बालों में तेल या ऑयली क्रीम लगाएं।
- अच्छे रंग व गुलाल की खरीदारी करें।
- रंगों को पानी में घोलकर होली खेलें।
- चेहरे पर रंगों को न रगड़ें।
- रंगों को साफ करने के लिए अधिक न रगड़ें।
- रंग छुड़ाने के लिए कपड़ों के साथ साबुन का प्रयोग न करें।
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ये हैं पिचकारी के दाम
पिचकारी - दाम
छोटी बंदूक - 20 रुपये
बड़ी बंदूक - 100-300 रुपये
टॉम - 200 रुपये
कछुआ - 200 रुपये
वाटर टैंक - 400 रुपये
हाथी - 500 रुपये
टॉम जेरी - 500 रुपये
रंग स्प्रे - 50 रुपये

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होली खेलते समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रसायनिक रंगों से त्वचा में दाने व जलन हो सकती है। साथ ही खुजली भी हो सकती है। ऐसे में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें।
- मुकेश सेठ, चर्म रोग विशेषज्ञ
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