ललितपुर। जिलाधिकारी ने नजूल की जमीन पर वर्षों से काबिज लोगों के खिलाफ
एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई के लपेटे में बीस लोग आ
रहे हैं। यह सब लोग रुकइया बेगम के नाम की जमीन पर काबिज हैं।
शहर
के सिविल लाइन क्षेत्र में नगर पालिका की नजूल की करोड़ों रुपये की लगभग
इक्कीस एकड़ जमीन है। इस पर वर्षों से लोगों का कब्जा है। नगर पालिका इस
मामले को अदालत में ले गई, जहां से उसके पक्ष में फैसला हो गया है। अब इस
जमीन पर वर्षों से काबिज लोगों को हटाने की तैयारी चल रही है। पिछले दिनों
प्रशासन ने इस संबंध में कुछ लोगों की अवैध बाउंड्रीवाल तोड़ दी थीं। इसके
बाद कार्रवाई बंद कर दी गई।
ऐसे में माना जा रहा था कि शायद अब आगे
कुछ नहीं होगा, लेकिन जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने इस मामले को गंभीरता
से लेते हुए रकबा नंबर 1810 और रकबा नंबर 1811 में काबिज बीस लोगों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को दिए
हैं।
वहीं, पिछले दिनों सिविल लाइन क्षेत्र में ही अवैध कब्जों से मुक्त
कराई गई 12 एकड़ जमीन पर हरी घास, फूलपत्ती आदि के पौधे लगाने के लिए
उद्यान विभाग को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 12 एकड़ जमीन पर कंपनी
बाग की तरह उद्यान विकसित किया जाएगा।
खंगाले जा रहे दस्तावेज
ललितपुर।
जमीन को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया में न उलझा सके, इसके लिए जमीनों के दो
जानकारों की टीम को दस्तावेज खंगालने में लगाया गया है। ताकि, किसी तरह की
कोई गड़बड़ न हो।
यह है मामला?
वर्ष 1921 में मुल्ला हैदर
के नाम से 9.51 एकड़ का पट्टा तीस वर्ष के लिए हुआ था। वर्ष 1951 में पट्टा
की अवधि पूरी हो गई, इसलिए यह स्वत: निरस्त मान लिया गया। चूंकि, उनके कोई
संतान नहीं थी, इसलिए पट्टे को रिनूवल कराने की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
उनका 9.51 एकड़ जtमीन पर कब्जा बना रहा। इतना ही नहीं आसपास पड़ी 11.56
एकड़ जमीन पर भी धीरे- धीरे अवैध कब्जा हो गया। इसके बाद से यह जमीन मुल्ला
हैदर की पत्नी रुकइया बेगम के पट्टे की जमीन के नाम से पहचानी जाने लगी।
इसके बाद मामला अदालत में चला गया। वर्ष 1999 तक हाईकोर्ट से इस पर स्टे
लगा रहा, लेकिन फिर बाद में नगर पालिका के पक्ष में फैसला हो गया और यह
जमीन पालिका के कब्जे में आ गई। लेकिन, पॉश एरिया में होने के कारण लोग
यहां काबिज बने रहे। कुछ लोगों तो जमीन को फ्रीहोल्ड करा लिया, जबकि बहुत
से लोगों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब इस मामले में जिलाधिकारी द्वारा
एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाने के बाद कब्जाधारकों का बेदखल होना तय
है।
वसूली भी की जाएगी
ललितपुर। जो लोग जमीन पर वर्षों से
काबिज हैं, नगर पालिका ने उन्हें नोटिस जारी किया था। लेकिन, इस ओर किसी ने
ध्यान नहीं दिया। अब जो लोग नजूल की जमीन पर काबिज हैं, उनके खिलाफ उतने
ही वर्षों की वसूली की जाएगी। इसको लेकर नगर पालिका से जुर्माना तैयार किया
जा रहा है।
एक विद्यालय व एक संगठन का कार्यालय जद में
ललितपुर।
जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है, उसमें शहर का एक नामचीन
विद्यालय भी लपेटे में आ रहा है। पिछले दिनों प्रशासन ने विद्यालय की
बाउंड्रीवाल तोड़ दी थी। अब एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। साथ ही यहीं
पर एक संगठन का कार्यालय भी है, उस पर भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल
रही है।
फूटा बंगला की जमीन भी पालिका की
ललितपुर। नगर
पालिका के अधिशासी अधिकारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है, जिसमें फूटा
बंगला पर कब्जा दिलाए जाने को कहा गया है। इसी तरह एक विवाह घर भी इस
कार्रवाई में आ रहा है।