ललितपुर। सुदर्शन डिग्री कॉलेज बांसी में हिंदी दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी दुनिया की तीसरी ऐसी भाषा है जिसे लोग सबसे ज्यादा बोलते हैं।
महाविद्यालय सभागार में हुई गोष्ठी में संस्थापक डॉ. आरएन यादव एवं प्रबंधक उमा यादव ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। संस्थापक ने कहा कि हिंदी दुनिया की तीसरी ऐसी भाषा है, जिसे लोग सबसे ज्यादा बोलते हैं। इसके बावजूद हिंदी को अपने ही देश में हीनभावना से देखा जाता है। प्रबंधक ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने के पीछे मंशा यही है कि लोगों को एहसास दिलाया जा सके कि जब तक वे इसे बोलने व कार्य करने में प्रयोग नहीं करेंगे, तब तक इसका विकास नहीं होगा। प्राचार्य डॉ. केके सिंह, डीएलएड की प्रवक्ता मीरा ने भी विचार व्यक्त किए।
इस गोष्ठी में बीएड के विद्यार्थी सचिन, दीप्ती, साधना यादव, वर्षा नामदेव, शिवा गुप्ता, डीएलएड के विद्यार्थी पूजा यादव, रोशनी, पूनम, सुखदेवी, राहुल, बीए के विद्यार्थी दीपेंद्र, उमेश द्विवेदी, पार्वती, धर्मेंद्र तथा बीकॉम के विद्यार्थी द्रोपदी, वंशिका जैन, संदीप आदि अन्य छात्र/छात्राओं ने भी अपनी सहभागिता निभाई। महाविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक आरएस यादव, शिक्षक प्रो बृजनंदन, प्रोे. आशीष जैन, प्रो. ऊषा पुरोहित, प्रो. अंकिता बिलगैंया, प्रो. रामसजीवन, प्रो. पूनम यादव, प्रो. धर्मेंद्र साहू, प्रो. बी.के कौशिक आदि मौजूद रहे। तकनीकि सहयोग प्रह्लाद नामदेव एवं संजू यादव ने किया।
उधर, केपीएस डिग्री कॉलेज ककरूआ (महेशपुरा) में हिन्दी दिवस मनाया गया। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सतीश कुमार सुडेले ने संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए अधिक से अधिक हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जनक किशोरी शर्मा ने हिंदी की उपयोगिता बताई। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र राजपूत ने सामाजिक जीवन में हिंदी साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रभांशु नगाइच, जया, छाया तिवारी, अनिता साहू, स्वाती सिंह, पंकज, भागचंद्र, अभिषेक, सौरभ, आसिफ, दयाराम, भानू, अंकित, गौरव राहुल, मोनल, अंशुल तिवारी, आयुष, रीतेश, राजेंद्र रजक, दिनेश, केहर, पुष्पेंद्र एंव समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
इसी तरह पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज के सभागार में हिदी दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथिं कॉलेज के संस्थापक पारसनाथ यादव रहे। अध्यक्षता प्रबंधक डॉ. सूर्यनाथ यादव ने की। मुख्य अतिथि ने कहा कि सभी के लिए हिंदी दिवस एवं हिंदी भाषा का बहुत महत्व है। हिंदी हमारे राष्ट्र की राष्ट्रभाषा है तथा विश्व में हिंदुस्तान की पहचान कायम किए है। महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सूफिया ने कहा कि छात्र/ छात्राओं में हिन्दी के प्रति कम रुचि है, जो राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। प्रो. नसीम खान ने कहा हिन्दी सभी भाषाओं की जननी है। प्रो. गंगाराम ने कहा कि हिन्दी के ज्ञान के बिना अन्य स्वदेशी भाषाओं का उच्चारण असंभव है। प्रो. नारायणदास ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन असिस्टेंट प्रो. रमेश चंद्र पटेल ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक सौरभ यादव, डॉ. पूजा यादव, डॉ. वंदना याज्ञिक, प्रो. रत्ना याज्ञिक, प्रो. पूजा झा, प्रो. नीलम राजपूत, प्रो. विभा ताम्रकार, प्रो. रजनी यादव, डॉ. अलका यादव, प्रो. राजेश विक्रम, प्रो. कमलेश मौर्य, प्रो. रमाकांत सिंह, रामसहाय, राकेश वर्मा, जगदीश कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। आरएबीडी महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर निबंध प्रतियोगिता तथा विचार गोष्ठी हुई। प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि हिन्दी भाषा को 14 सितंबर 1949 में राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया था। प्रवक्ता राहुल सुदेले ने बताया कि जब से मानव अस्तित्व में आया, तब से भाषा का उपयोग कर रहा है। समाज का निर्माण मनुष्यों के पारस्परिक सहयोग से होता है। प्रबंधक डॉ. सूर्यनाथ यादव, प्रवक्ता संतोष कुमार यादव, मनोहर लाल कुशवाहा, बीएस गौर, दीप्ति नामदेव, आरती तोमर, आरजी भोंडेले, रामगोपाल चंदेल, जगदीश राजपूत, सचिन नामदेव, अखंड प्रताप सिंह, सुम्मेर सिंह, राममिलन एवं दयाल प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
संत स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया। हिंदी भाषा की महत्वता पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान संस्थापक राधाचरण राजपूत ने हिंदी भाषा को अपनाने पर जोर दिया। कहा कि हिंदी सभी भाषाओं की जननी है। इसका व्याकरण वैज्ञानिक नियमों पर आधारित है। हिंदी भाषा का सम्मान करना चाहिए। इस दौरान डीपी वर्मा, अजय जायसवाल, सुखपाल सिंह बुंदेला, सुरेंद्र राजपूत, अखिलेश कुमार, जगभानसिंह, मनोज राजपूत आदि अन्य स्टाफ मौजदू रहा।