ललितपुर। हाईकोर्ट ने अपर जिलाधिकारी द्वारा जारी दो सगे भाइयों पर गुंडा एक्ट के नोटिसों को रद्द कर दिया है और एडीएम को भविष्य में ऐसे मामलों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे आदेश जारी करने की निंदा की और इसे कानून के विरुद्ध माना। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि केवल दो मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को गुंडा घोषित करना विधि सम्मत नहीं है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव की अदालत ने 18 दिन पहले कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लक्ष्मीपुरा प्राइमरी पाठशाला के पास के रहने वाले दो सगे भाइयों सौरभ और शैलेंद्र कुमार को दो मुकदमों के आधार पर गुंडा घोषित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। उक्त दोनों भाइयों सौरभ व शैलेंद्र ने हाईकोर्ट में अपर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी। बताया कि उन दोनों पर आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दो मुकदमे दर्ज हैं। इसके आधार पर एडीएम की अदालत ने उन दोनों को गुंडा घोषित कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश सिद्धार्थ एवं अवनीश सक्सेना की अदालत ने अपर जिला मजिस्ट्रेट के गुंडा घोषित करने के नोटिस को रद्द कर दिया।