ललितपुर। कांग्रेस के व्यापार प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने पीएम एवं सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर व्यापारियों को आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। जिलाध्यक्ष संदीप रजक के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले कई वर्षों से लघु उद्योग, थोक, मध्यम एवं खुदरा व्यापारी सरकार की गलत नीतियों के कारण गंभीर संकट में हैं। पहले नोटबंदी और उसके बाद जीएसटी लागू की गई। कोरोनाकाल में लगाए गए लॉकडाउन में व्यापारियों की कमर टूट गई। वर्तमान में उद्यमी और व्यापारी दोनों बहुत परेशान हैं।
पिछले 16 महीने में लॉकडाउन और करोना वायरस के प्रभाव से सबसे ज्यादा पीड़ित खुदरा व छोटे, मध्यम वर्ग के व्यापारी हैं। अब कोरोना की तीसरी लहर की चर्चा है। इसका अत्यधिक प्रभाव व्यापार पर पड़ने वाला है। उन्होंने लॉकडाउन के बिजली बिल से फिक्स चार्ज नहीं लेने, लॉकडाउन पीरियड के समय का व्यापारियों का व्यापार से संबंधित बैंक ब्याज माफ करने, जीएसटी की विसंगतियों को तत्काल दूर करने, कोविड-19 से दिवंगत हुए व्यापारियों के परिवार को कम से कम 10 लाख का मुआवजा देने, कोरोना काल में व्यापारियों के बैंकों की किस्त चुकाने का एनपीए की समय अवधि तीन माह से बढ़ाकर 9 माह करने व 65 वर्ष की आयु के बाद के व्यापारियों को सम्मानजनक पेंशन देने, की मांग की। सभी औद्योगिक और , व्यापारिक क्षेत्रों तथा बाजारों की स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता पर निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, प्रदेश सचिव उवेश खान, डॉक्टर सुनील खजुरिया, पीसीसी बिट्टू राजा, महासचिव राकेश रजक, महासचिव पुनीत देवलिया, नगर अध्यक्ष नवनीत किलेदार, उपाध्यक्ष प्रदीप रिछारिया, बहादुर अहिरवार पीसीसी,, असलम खान, वैभव जैन, जिलाध्यक्ष शिक्षक प्रकोष्ठ, महेंद्र पनारी, सुशील श्रीवास, महिला जिलाध्यक्ष नेहा शर्मा, गजेंद्र सिंह परमार, रोहित कुशवाहा, राम सिंह यादव, वीरेंद्र रिछारिया, कमल दुबे, काशीराम पुलैया , स्वदेश, पूजा सेन, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मोंटी शुक्ला, मनीष श्रीमाली, राहुल सेन, सुनील अहिरवार, सविता देवी ,ममता देवी मौजूूद रहे।