संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ गई और जलस्तर निर्धारित स्तर से अधिक पर पहुंचने लगा। उटारी, जमड़ार और बंडई बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाने लगा। वहीं, देर रात रोहिणी, लोअर रोहिणी और भावनी बांध के गेट खोले गए। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
बारिश से नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे। भराव क्षेत्र का पानी बांधों में पहुंचने लगा तो इनके जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी। सबसे ज्यादा पानी की आवक उटारी, बंडई और जमड़ार बांध में हुई तो जलस्तर अधिक होने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ने के आदेश दिए। शाम करीब 5:30 बजे उटारी बांध के पांच गेट एक-एक फीट खोलकर 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। बंडई बांध के तीन गेटों को 0.60 मीटर खोलकर 2075 क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी। जमड़ार बांध से 1476 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी की गई।
देर रात को रोहिणी बांध से 1270 क्यूसेक, लोअर रोहिणी बांध से 1092 और भावनी बांध से 4907 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश सुहेरा ने बताया कि बारिश होने से बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा था। जलस्तर निर्धारित करने के लिए बांधों के गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने से पूर्व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया। लोगों से नदी क्षेत्र से दूर रहने की अपील की गई।
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गोविंद सागर बांध और शहजाद बांध के गेट खुलने की संभावना
बुधवार को गोविंद सागर बांध के कैचमेंट एरिया में अधिक बारिश हुई। इसके चलते बांध का जलस्तर देर शाम को 1190 फीट तक पहुंच गया। बांध में पानी की लगातार आवक होने और जलस्तर के निर्धारित स्तर से अधिक तक पहुंचने पर गेट खुलने की संभावना देखते हुए बांध पर तैनात अवर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ शहजाद बांध के भी गेट खुलने की संभावना जताई जा रही है।