अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शुक्रवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पार होने से लोग लू के थपेड़ों से बेहाल नजर आए। धूप की तपिश के कारण लोग चेहरा ढक कर निकले।
दोपहर में 12 बजे तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से बढ़ते हुए एक बजे 40 डिग्री, दो बजे 42 डिग्री और तीन बजे 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लू के थपेड़ों के बीच बढ़े तापमान से लोग बेहाल नजर आए। रेलवे स्टेशन व अन्य स्थानों पर सब्जी की दुकान लगाने वाली महिलाएं छाता लगाकर धूप से बचाव करती रहीं। जबकि, सड़कों पर भी महिलाएं छतरी लेकर या फिर मुंह पर दुपट्टा बांधकर निकलीं। वहीं, गन्ने के जूस, नीबू की शिकंजी, सोडा की दुकानों पर भीड़ लगी रही। पुरुष भी धूप से बचाव के लिए तौलिया बांधकर बाहर निकले। साथ ही चौराहों पर मिट्टी के घड़ों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही।
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पेड़ की छाया में बैठे रहे पशु
धूप की तपिश से बेहाल पशु पक्षी भी छांव की तलाश में रहे। स्टेशन और चर्च रोड पर पेड़ों की छाया के नीचे कई पशु बैठे नजर आए। कई समाज सेवियों ने अपने घरों के पास पानी के हौज रखवा दिए हैं, जिनमें भरे पानी से जानवर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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बादलों से भी नहीं मिली राहत
शाम करीब पांच बजे से बादल छाने लगे, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। लोगों का अनुमान है कि गर्मी अधिक होने से बारिश हो सकती है। फिलहाल, वातावरण में धुंध होने से आंधी की संभावना जताई जा रही है।
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मिट्टी के घड़ों की बिक्री बढ़ी
बाजार में मिट्टी के घड़ों की बिक्री बढ़ गई है। रामकुमार प्रजापति ने बताया कि इस साल घड़े के दाम भी बढ़ गए हैं। बगैर टोंटी के 75 से 150 रुपये तक का मध्यम साइज का घड़ा मिलेगा। वहीं, टोंटी के साथ 125 से 200 रुपये तक का मिल रहा है।