संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। उप स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया, इनमें स्वास्थ्य सेवाएं मार्च में शुरू कर दी गईं, लेकिन महरौनी ब्लॉक के चार आरोग्य मंदिरों में शनिवार को ताला लटका मिला।
आरोग्यम परमं धनम् की टैगलाइन के साथ इन आरोग्य मंदिरों में सामान्य टेस्ट के साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच की व्यवस्था की गई है। ओपीडी एवं टेलीमेडिसिन द्वारा डाक्टर से परामर्श की सुविधा के साथ गर्भवती एवं नवजात की देखभाल की भी व्यवस्था है। इसके अलावा परिवार नियोजन एवं अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग आदि सेवाएं दी जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है। विकास खंड महरौनी में ग्यारह उप स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकृत कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। शनिवार को रिपोर्टर ने आरोग्य मंदिरों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी तो स्थिति बेहद खराब नजर आई। पेश है आंखों देखा हाल।
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दृश्य एक
सुबह 10.30 बजे ग्राम पंचायत भैरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के ताले नहीं खुले थे। हालांकि, आरोग्य मंदिर को दूर से लोग पहचान सकें, इसके लिए अलग से ब्रांडिंग की गई है।
दृश्य दो
सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत छपरट के गगनियां गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ताला लटका हुआ था। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह में एक या दो बार ही खुलता है।
दृश्य-तीन
अपराह्न 11.30 बजे ग्राम पंचायत पड़वा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ताला लटका मिला। यहां भी ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह में एक बार ताला खुलता है।
दृष्य-चार
अपराह्न 11.45 बजे ग्राम पंचायत बम्होरी बहादुर सिंह स्थित आरोग्य मंदिर में ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन ताला लटका रहता है। मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
-वर्जन
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ताला लगा होने की जानकारी नहीं है। औचक निरीक्षण किया जाएगा, यदि सेंटर पर ताला लगा मिला तो कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. सिद्धार्थ जैन, चिकित्सा अधीक्षक महरौनी