ङोगरा खुर्द/ ललितपुर। कोरोना, डेगूं और मौसमी बीमारी के काल में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन डोंगराखुर्द के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल देखते ही सारे दावे हवा-हवाई हो रहे हैं। यह अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते बदहाली की भेंट चढ़ गया है। यह ऐसा अस्पताल है जहां इमारत खड़ी कर उसे अस्पताल का नाम तो दे दिया गया लेकिन यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं है। हालत यह है कि यहां सफाईकर्मी लोगों की मरहम पट्टी कर दवा देता है। लोगों के अनुसार सफाई कर्मी अस्पताल चला रहा है। इतना ही नहीं चिकित्सकों के आवासों में जानवर डेरा जमाए हुए हैं।
यह अस्पताल वर्ष 2014 में बनाया गया था। लेकिन डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई। एक वार्ड ब्वॉय और सफाईकर्मी की तैनाती की गई थी। दो माह पहले वार्ड ब्वॉय की ड्यूटी भी कोविड अस्पताल में लगा दी गई, तब से अस्पताल सफाईकर्मी के भरोसे है। वह ही दवाइयां बांटकर लोगों की मरहम पट्टी करने को मजबूर है। तहसील पाली अंतर्गत ग्राम डोंगरा खुर्द में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। जहां पर उपचार के साथ गर्भवती महिलाओं को प्रसव व टीकाकरण जैसी सुविधाएं कराई जाती हैं। मरीजों को भर्ती के लिए दो बेड व ऑपरेशन थिएटर हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते अस्पतालों में सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही है। यहां पर अब तक चिकित्सक तैनात नहीं किए गए हैं। अस्पताल को सफाई कर्मचारी द्वारा खोला जा रहा है। उपचार को आने वाले मरीज चिकित्सक न होने से मायूस होकर लौट जाते हैं। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल तक आना पड़ रहा है। कई मरीज को क्षेत्र में व्याप्त झोलाछाप से ही दवा लेकर उपचार करा लेते हैं। ग्रामीणों ने कई चिकित्सक को तैनात करने की मांग की, लेकिन अब तक चिकित्सक तैनात नहीं हो सका है। इससे ङोगरा खुर्द, दिगवार, बरेजा, तरावली, महाराजपुरा, पटना, पारौल, बरखेरा, सिंगवारा, बरौदिया, चादौरा, गुढा, खिरिया, धौलपुरा, गदौरा, गुरयाना, अर्जुन खिरिया, बनयाना आदि गांव के लोग उपचार के लिए परेशान हो रहे हैं।
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अन्ना जानवरों का अड्डा बना अस्पताल, चोरी हो चुका सामान
अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर गेट न होने से जानवर बेरोकटोक अंदर आ रहे हैं। यहां चिकित्सकों के लिए बने आवासों में बैठते हैं। इससे आवासों में भारी गंदगी हो गई है। गेट खिड़की भी टूटे पड़े हैं। हैंडपंप भी खराब है। इससे आने वाले मरीजों को संक्रामक बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ङोगरा खुर्द करीब दो एकड़ जमीन पर बना हुआ है। जिसके कई भवनों में उपचार व भर्ती के सामान रखा था। जो चोरी हो चुका है। जिसका मामला थाना नाराहट में दर्ज है, लेकिन अब तक न तो चोरों की गिरफ्तारी हुई और न ही सामान मिला है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ङोगरा में चिकित्सक को तैनात किया गया था, जिसकी ड्यूटी कोविड सेंटर तालबेहट में लगाई गई है। यहां पर वार्ड ब्वॉय को तैनात किया जाएगा।
डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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गांव में अस्पताल भले ही बड़ी बना दी हो, लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते धूल फांक रही है। झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर बने हुए हैं। इसके बाद भी चिकित्सक तैनात नहीं किए जा रहे हैं।
- अजय प्रताप सिंह।
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गांव में अस्पताल का निर्माण होने पर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी कि गांव में ही उपचार मिल सकेगा। लेकिन वर्षों गुजरने के बाद भी अब तक इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी है।
- मनोज कुमार दुबे
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वर्तमान में कोरोन वायरस संक्रमण महामारी का काल चल रहा है। ऐसे में उपचार की अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की जाए। जिससे लोगों को इलाज मुहैया हो सके।
- हरीराम दुबे
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अस्पताल बनने के बाद चिकित्सक की तैनाती तो हो नहीं सकी, लेकिन उपयोग के बिना ही भवन जर्जर हालत में हो गया है। खिड़की दरवाजे व चारदीवार तक टूटी पड़ी हुए हैं।
- कप्तान सिंह