हर किशोरी का बनेगा हेल्थ कार्ड
ललितपुर। किशोरियों में खून की कमी (एनीमिया) न हो, इसलिए 11 से 14 वर्ष तक की सभी किशोरियों के हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे। अभियान चलाकर एएनएम खून की जांच करेंगी। पोषण, स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी जानकारी भी उन्हें दी जाएगी।
आमतौर पर किशोरियों में एनीमिया की शिकायत हो जाती है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने इसके विरुद्ध चरणबद्ध अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं बेसिक शिक्षा विभाग को जोड़ा गया है। तीनों विभाग मिलकर बालिकाओं को स्वस्थ्य बनाने का काम करेंगे। 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों की ऊंचाई की नाप आशा व आंगनबाड़ी करेंगी। ऊंचाई के आधार पर बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) की गणना करते हुए पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी मुद्दे पर एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी द्वारा जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा खून की जांच का परिणाम, एनीमिया से संबंधित विषय जैसे आयरन की गोलियां का सेवन, सेवन के तरीके, खानपान, एनीमिया से बचाव आदि के बारे में भी बताया जाएगा। स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों की जांच एएनएम द्वारा उप केंद्र पर सुबह की जाएगी। बाल विकास सेवा और पुष्टाहार विभाग द्वारा उन्हें किशोरी हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। पढाई करने वाली किशोरी की ऊंचाई, माप व खून की जांच स्कूल की छुट्टी के बाद एएनएम द्वारा की जाएगी। स्कूल के प्रधानाध्यापक किशोरियों को उप केंद्र पर ले जाएंगे। उप केंद्र पर आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम एवं पोषण सखी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। किशोरियों को भोजन में मैथी, पालक, सरसों, गुड़, अंकुरित दाल, अंडा, प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, दही, अंकुरित दाल दैनिक भोजन में शामिल करने की सलाह दी जाएगी।
किशोरियों को हेल्थ कार्ड जारी करने के लिए अभियान की शुरुआत हो गई है। जो किशोरियां स्कूलों में नामांकित हैं, उनकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की होगी। वहीं, स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों को बाल विकास विभाग द्वारा कार्ड मुहैया कराए जाएंगे।
- भरत कुमार वर्मा
खंड शिक्षा अधिकारी