ललितपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने के बावजूद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी पूरा दमखम लगा रहे हैं। एक-एक वोट का गणित लगाया जा रहा है। राजनीतिक दल के नेता अपने प्रत्याशी की जीत की बात कह रहे हैं। कुछ निर्दलीय पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट कटवा साबित हो रहे हैं। जखौरा, थनवारा और बांसी जिला पंचायत सीट पर मुकाबला दिलचस्प होगा। जातीय समीकरण जीत का आधार बनेंगे।
वार्ड - 04, जखौरा, अनुसूचित जाति
कुल मतदाता - 36,706
कुल प्रत्याशी - 07
उम्मीदवारों के नाम - अशोक, उर्मिला, चंद्रशेखर, धनीराम, पर्वत लाल, वीरभान, सुरेंद्र कुमार।
लोधी बाहुल्य इस सीट पर सपा की ज्योति सिंह लोधी का कब्जा रहा है। इस बार अनुसूचित जाति के लिए सीट आरक्षित होने के कारण पुराने राजनीतिक धुरंधर अपने तरीके से प्रत्याशियों को समर्थन दिए हुए हैं, ताकि जीत के बाद भले ही सदस्य अनुसूचित जाति का रहे लेकिन सिक्का उनका चलता रहे। इस बार भाजपा ने सुरेंद्र कुमार तथा सपा ने धनीराम को मैदान में उतारा है। बसपा ने अशोक सिरसी तो कांग्रेस ने पर्वत लाल को चुनाव मैदान में उतारा है। तीन निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। यहां लड़ाई भाजपा, सपा और बसपा के बीच है, जो मुकाबले को रोचक बना रही है। सपा अपने पूर्व के किए विकास के बल पर तो भाजपा पार्टी की विकास की नीतियों का गुणगान कर चुनावी समर जीतना चाहती है। बसपा भी इस लड़ाई में कहीं से भी कमजोर नहीं लग रही है। उन्हें जातिगत वोटों के बल पर जीत का पूरा भरोसा है। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना नजर आ रही है।
वार्ड - 05, थनवारा, अनारक्षित
कुल मतदाता - 40,600
कुल प्रत्याशी -17
उम्मीदवारों के नाम - अंजना, अनीता, अनुराग सिंह, उदयभान, कृष्ण प्रताप सिंह, दिनेश कुमार, फूल सिंह, भगवत सिंह, भवानी सिंह, मदन, मुकेश कुमार, रूबी यादव, ममता, रमेश, विद्या, सुमन, हरदयाल सिंह।
कुशवाहा और राजपूत बाहुल्य इस सीट पर भाजपा ने कृष्ण प्रताप सिंह पर विश्वास जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। इस बार सपा और बसपा ने भी राजपूत जाति के भवानी सिंह और भगवत सिंह को चुनाव मैदान में उतार कर जातिगत वोट और पार्टी के वोट बैंक के आधार पर मैदान फतह करने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश कुमार की दावेदारी भी यहां कमजोर नहीं मानी जा रही है। कुछ निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में जातिगत वोट के आधार पर चुनाव को रोमांचक बनाए हुए हैं। कई स्थानों पर इनकी भूमिका वोट कटवा की है। यहां ऊंट किस करवट बैठेगा, कहा नहीं जा सकता।
वार्ड - 06, बांसी, अन्य पिछड़ा वर्ग
कुल मतदाता - 39,226
कुल प्रत्याशी -07
उम्मीदवारों के नाम - फूलसिंह, बलबीर, मंगल सिंह, राजेंद्र, राजेश, रतिराम, रामराजा।
कुशवाहा, यादव, राजपूत बाहुल्य, ब्राह्मण एवं ठाकुरों के वर्चस्व वाली इस सीट को अनारक्षित घोषित किए जाने का मंसूबा पाले राजनीतिक धुरंधरों को तब झटका लगा, जब सीट को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया। उम्मीदवार इस सीट पर जोर आजमाइश के जरिये चर्चा में हैं। भाजपा ने राजेंद्र कुशवाहा को सीट देकर विश्वास जताया है, जबकि पहले इस सीट पर रचना लीलाधर दुबे काबिज रहीं। सपा ने भाजपा प्रत्याशी को टक्कर देने के लिए मंगल सिंह को प्रत्याशी बनाया है। मंगल सिंह की पकड़ लोगों के बीच काफी महत्वपूर्ण रही है। बसपा प्रत्याशी बलबीर भी अपने आप में काफी मजबूत हैं और जनता के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जा रही है। भाजपा के राजेंद्र को यहां के परंपरागत वोटों पर भरोसा है। सपा के मंगल सिंह और बसपा के बलबीर भी जनता में मजबूत पकड़ बनाए हैं। निर्दलीय प्रत्याशी इनका वोट काट सकते हैं। कांग्रेस ने यहां प्रत्याशी नहीं उतारा है। सभी पार्टी के नेताओं के साथ जनसंपर्क कर मुकाबले को रोचक बना रहे हैं।