ललितपुर। कोतवाली अंतर्गत शहर के मोहल्ला आजादपुरा में सीएमओ ऑफिस में चालक के पद पर तैनात कर्मचारी ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शहर के मोहल्ला आजादपुरा स्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल के सामने सर्वोदय कॉलोनी निवासी राजकुमार दुबे (52) पुत्र गया प्रसाद दुबे सीएमओ ऑफिस में चालक के पद पर तैनात था। परिवार के लोगों ने बताया कि राजकुमार रविवार की रात करीब एक बजे तक परिवार के साथ बैठकर बातें कर रहे थे। इसके बाद सभी सदस्य अपने-अपने कमरे में चले गए। सुबह करीब पांच बजे जब उनका पुत्र शिवम जगा, तो पिता के कमरे के दरवाजे बंद देख उसने खोलना चाहा, लेकिन दरवाजे नहीं खुले। उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई, उसने खिड़की से झांककर देखा तो पिता पंखे पर फांसी के फंदे के सहारे लटके थे। जिस पर वह चीखने लगा। उसकी चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजे तुड़वाकर शव को फंदे से उतरवाया। फिलहाल राजकुमार ने फांसी किन कारणों से लगाई, पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। मृतक के पुत्र गौरव दुबे ने बताया कि रात में सब ठीक था और उसके पिता रात करीब एक बजे तक परिवार के सदस्यों के साथ बैठे रहे और चाय भी पी। इसके बाद वह सोने चले गए और रात में एक से चार बजे के बीच उन्होंने फांसी लगाई है। मृतक के चार पुत्र हैं।
बेटा बोला, घर की स्थिति अच्छी है, फांसी क्यों लगाई पता नहीं
उनके पुत्र गौरव दुबे ने बताया है कि उनके घर की स्थिति बेहतर है। पिता ने फांसी क्यों लगाई यह किसी को पता नहीं चला। घर में उनकी मां और वह चार भाई साथ में रहते हैं और बीते रोज देर रात तक पिता सबसे अच्छे से बात करते रहे थे। गौरव ने बताया वह एसएससी की तैयारी कर रहा है। उससे छोटा भाई शिवम एक निजी मोबाइल कंपनी में काम करता था, लेकिन लॉकडाउन में फिलहाल काम छोड़ दिया है। तीसरे नंबर का भाई सत्यम दिल्ली में एसएससी की तैयारी कर रहा था। सबसे छोटा भाई साहिल दुबे 12वीं कक्षा में है। उसने बताया कि उनके पिता का व्यवहार घर और ऑफिस में सबसे ठीक था। उनके पिता ने कमरा के दरवाजे अंदर से बंद करके फांसी लगाई है। पुलिस ने आकर दरवाजे तोड़कर उनके शव को फांसी के फंदे से उतारा था।