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शहर के लोगों की बढ़ रही हैंडपंप पर निर्भरता

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ललितपुर। शहर के लोगों की हैंडपंप पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। कारण है कि पाइप लाइन में प्रेशर कम आता है। साथ ही टैंकरों की संख्या भी पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है। विभिन्न मोहल्लों में पेयजल का संकट अभी भी बना हुआ है। हैंडपंपों पर लग रही भीड़ से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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शहर में करीब पंद्रह हजार लोगों ने जल संस्थान से कनेक्शन ले रखे हैं। इन संयोजनधारियों को पाइप लाइन से जलापूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग बढ़ जाती है, जिसे पूरा करने में जल संस्थान के लिए मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि शहर के विभिन्न मोहल्लों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। इनमें मोहल्ला नेहरू नगर, सिद्धनपुरा, नारायणपुरा, विष्णुपुरा, श्रद्धानंदपुरा, चौबयाना, पुरानी बजरिया, आजादपुरा शामिल हैं। यहां के लोगों को हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जिन स्थानों पर पेयजल की समस्या बनी हुई है, उनमें से कई जगहों पर टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। इस समय विभाग द्वारा टैंकर से करीब 12 फेरे लगाए जा रहे हैं, जो काफी कम हैं। जो टैंकर पहले से खराब हैं, उन्हें अभी तक सुधरवाया नहीं गया है। जिससे कई स्थानों पर टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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जल संस्थान शहर की जलापूर्ति सुधारने में अब तक नाकाम रहा है, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। - रामान सिंह
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पाइप लाइनों में पानी का प्रेशर काफी कम है, जिस वजह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में हैंडपंप भी एक मात्र सहारा रहा जाता है। - कमलेश कुमार
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रोजाना दस से बारह टैंकर से पानी की आपूर्ति समस्याग्रस्त क्षेत्रों में की जाती है। इसके लिए एक ट्रैक्टर किराए पर लगाया गया है और एक विभाग का है। इसके अलावा कुछ समाजसेवी भी टैंकर विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा रहे हैं। कुछ टैंकर कंडम हैं, जिनकी सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी है।
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संजय निरंजन, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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