ललितपुर। नगर में अब तक 250 हैंडपंप सुधारे जा चुके हैं, लेकिन खराब हैंडपंपों की सूची कम नहीं हो रही है। अभी भी 50 हैंडपंपों की मरम्मत होना बाकी है। नगर पालिका परिषद द्वारा की जा रही हैंडपंपों की मरम्मत में सभासदों की सूची को वरीयता में रखा गया है। इससे आम शिकायतकर्ताओं को हैंडपंप मरम्मत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
नगर में 1856 हैंडपंप जगह-जगह लगे हुए हैं, जिससे लोग पीने का पानी उपयोग में लेते हैं। गर्मी के सीजन की शुरुआत में जल संस्थान के पास हैंडपंप के उपकरणों की कमी रही, जिस वजह से खराब हैंडपंप समय से नहीं सुधारे जा सके। इससे लगातार सूची बढ़ गई। इसे देख नगर पालिका परिषद ने खराब हैंडपंपों की मरम्मत का काम अपने हाथों में ले लिया है। इस कार्य के लिए जल संस्थान के एक अवर अभियंता को जिलाधिकारी के माध्यम से संबद्ध करा लिया। इसके उपरांत खराब हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुरू हुआ।
खराब हैंडपंपों की मरम्मत में सभासदों की सूची को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। जो शिकायतकर्ता सीधे नगर पालिका परिषद व जल संस्थान में शिकायत कर रहा है, उसे मरम्मत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे लोगों में रोष पनप रहा है। लोगों का कहना है कि कुछ सभासद वोट के नजरिए से खराब हैंडपंपों की मरम्मत करा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में सभासद की पकड़ ढीली है, उन क्षेत्रों के हैंडपंपों की मरम्मत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, ईओ निहालचंद्र का कहना है कि सभी जगह के खराब हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं। इस समय चार टीमों के माध्यम से खराब हैंडपंपों की मरम्मत का काम चल रहा है।
कब्जा पर नपा मौन
नगर पालिका परिषद ने उन हैंडपंपों को अभी तक गंभीरता से नहीं लिया है, जिन पर कुछ लोगों ने अनाधिकृत तरीके से कब्जा कर लिया है। पिछले वर्षों में स्वास्थ्य नायक के माध्यम से ऐसे हैंडपंपों का चिह्नींकरण कराया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुुआ है। जिस कारण क्षेत्र के अनेक लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
जल संस्थान भी झाड़ रहा पल्ला
हैंडपंपों के कब्जे के मामले में जल संस्थान भी पल्ला झाड़ दिख रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय निरंजन का कहना है कि जब नगर पालिका परिषद खराब हैंडपंप सुधार रही है तो वह ही हैंडपंपों के कब्जे की शिकायत का निस्तारण करेगी।