शहर का तेजी से विकास हो रहा है। गांवों में रहने वाले लोग शहर की ओर आ रहे हैं। उन्हें जहां भी जमीन मिल रही है वे खरीद रहे हैं। चांदमारी क्षेत्र लगभग सत्तर एकड़ में फैला हुआ है, यह क्षेत्र शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में होने के कारण लोगों को आवास के लिहाज से बेहतर दिखाई देता है, इस कारण यहां की जमीनें हाथों हाथ बिक जाती हैं। लोग जमीन खरीदकर मकान बनवाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं, लेकिन मकान का मानचित्र स्वीकृत नहीं होता है। परेशान लोग सुविधा के अनुसार अपना मकान बना लेते हैं, लेकिन यह स्थिति प्रशासन को भारी पड़ रही है। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र/ उपजिलाधिकारी पूनम निगम ने बुधवार को चांदमारी क्षेत्र में विभिन्न मकानों की जांच की, लेकिन कोई भी भवन स्वामी मानचित्र नहीं दिखा सका। इस पर मकानों का चिह्नीकरण कर निशान लगा दिए गए और भवन स्वामियों के नाम नोट कर लिए गए।
दरअसल, विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने क्षेत्र के करीब सौ लोगों को नोटिस जारी किए थे, इसमें कहा गया था कि बिना नक्शा पास कराए मकान बनाने पर क्यों न ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। लेकिन, नोटिस के जवाब देने के लिए कोई भी व्यक्ति कार्यालय नहीं पहुंचा था। ऐसे में चांदमारी क्षेत्र में बन रहे मकान शहर के विकास पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।