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लॉकडाउन अच्छा है, गुटका के शौकीन खाने लगे इलायची

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ललितपुर। लॉकडाउन में आसमान छू रहे गुटका के दामों ने कइयों का नशा छुड़ा दिया है। मौजूदा समय में गुटका तो आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, लोग तंबाकू के लिए भी तरस रहे हैं। इससे परेशान होकर लोगों ने इलायची और सौंफ खाना आरंभ कर दिया है। कुछ लोग सुपाड़ी खाकर काम चला रहे हैं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए गुटका और तंबाकू की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे चोरी छुपके बिक रहे गुटका और तंबाकू के दाम भी आसमान छू रहे हैं। नामचीन कंपनी का गुटका पाउच जो कभी पांच रुपये में मिल जाता था, वह अब बीस रुपये में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार दस रुपये वाला तीस रुपये में और बीस वाला सत्तर से अस्सी रुपये में चोरी से बेचा जा रहा है। तंबाकू का भी यही हाल है। पांच रुपये का पाउच अब बीस रुपये में मिल रहा है। खुली तंबाकू के रेट भी बढ़ गए हैं। यहीं तंबाकू दस रुपये में पचास ग्राम मिलती थी, वह अब तीस से चालीस रुपये में बेची जा रही है और वह भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसलिए लोगों ने इलायची व सौंफ खाना शुरू कर दिया है।
गुटखा चोरी- छिपे गली मोहल्लों की दुकानों में बेचा जा रहा है। इनके दाम इतने ऊंचे हो गए हैं, जिसे लेना सामर्थ्य से बाहर हो रहा है। इस वजह से इलायची व सौंफ खाकर काम चला रहे हैं। - राजेश पाल
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गुटका व तंबाकू के साथ ध्रूमपान के अन्य साधनों के मूल्य भी बढ़ गए हैं। दुकानदारों से गुटका के लिए मिन्नतें करनी पड़ती है, तब जाकर गुटका उपलब्ध हो पाता है। - अरविंद यादव
जिला प्रशासन को गुटका और तंबाकू की हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए छापामार अभियान चलाने की आवश्यकता है। कई लोगों ने इसके स्टाक बना लिए हैं और वे इसे चोरी छिपे बेच रहे हैं। - सत्यप्रकाश
सरकार ने अच्छी मंशा के लिए लॉकडाउन किया है, लेकिन इसमें भी कुछ व्यापारियों ने मुनाफा तलाशना आरंभ कर दिया है। यदि गुटखा बाजार से पूरी तरह गायब हो जाए तो सभी लोग इलायची व सौंफ खाने लगेंगे। - शुभम गोस्वामी
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