संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सिखों के छठवें गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब का प्रकाश पर्व मंगलवार को जिले के गुरुद्वारों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक आयोजनों के साथ संगत ने गुरु साहिब को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में लक्ष्मीपुरा स्थित गुरुद्वारा में प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सहज पाठ साहिब का आयोजन किया गया। गुरु के लंगर की सेवा कुलदीप सिंह और हरमीत सिंह अरोड़ा ने निभाई। वहीं, गुरुद्वारा आजादपुरा में निशान साहिब के चोले की सेवा हरविंदर सिंह सलूजा परिवार की ओर से की गई। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दलजीत सिंह ने कहा कि गुरु हरगोबिंद साहिब ने सिख समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने एक सशक्त सिख सेना का गठन किया और अपने पिता गुरु अर्जन देव के निर्देशों के अनुरूप सिख धर्म को सैन्य स्वरूप प्रदान किया।
सभा के अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा ने कहा कि अमृतसर स्थित अकाल तख्त सिख धर्म की सर्वोच्च लौकिक पीठ है। गुरु हरगोबिंद साहिब ने अपने उत्तराधिकार के समय दो तलवारें धारण की थीं, जो मीरी (लौकिक सत्ता) और पीरी (आध्यात्मिक सत्ता) का प्रतीक हैं। उन्होंने सिखों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया तथा समाज की सुरक्षा और संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया। मंत्री मनजीत सिंह सलूजा ने कहा कि वर्ष 1609 में गुरु हरगोबिंद साहिब ने अमृतसर में अकाल तख्त की स्थापना की थी। यह स्थान सिख समुदाय से जुड़े आध्यात्मिक और सामाजिक विषयों के समाधान का प्रमुख केंद्र बना।
कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री परसन सिंह, सतनाम सिंह भाटिया, सुरजीत सिंह, अवतार सिंह, दलजीत सिंह, गुनबीर सिंह, मनमोहन सिंह, जगजीत सिंह बॉबी और चरणजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा ने किया।