दरबार में समस्त भक्तों के कल्याण के लिए भगवान सत्यनारायण की कथा का वाचन किया गया। भगवान वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए विशेष हवन पूजन और अनुष्ठान किया गया। सत्यनारायण भगवान से ढोल नगाड़ों के साथ विनती की गई कि धरती पर जल रूपी अमृत वर्षा कर सारे संसार को इस गर्मी के प्रकोप बचाएं।
सिद्ध पीठ के महंत विनीत बाबा वाल्मीकि ने कहा कि आषाढ़ मास में सभी भक्तों द्वारा अपने-अपने कुल देवी-देवताओं को विशेष भोग प्रसाद व हवन पूजन किया जाता है। इस मास में सभी धर्मों, जातियों के लोगों को अपने-अपने आराध्य शक्तियों से प्रार्थना करनी चाहिए। इस मौके पर सिद्ध पीठ संरक्षक दिलीप घावरी, गुरु माता मालती देवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत विनीत बाबा वाल्मीकि, प्रबंध निदेशक जयेश बादल, विकास बासु घावरी, मगन विश्वकर्मा, सुरेश डागौर, सुभाष नामदेव ,पूजा कश्यप, दीपक महाराज, खुशीलाल राय, रवि पंथ, विशाल विश्वकर्मा, अंकित विश्वकर्मा, करन साहू, अरुण विश्वकर्मा, रूपेंद्र साहू, संगीता डागौर, दीपा कुशवाहा, अदिति ठाकुर, शिवानी, नेहा, ईश्वरी, अयांश घावरी मौजूद रहे।