ललितपुर। रेलवे में बढ़ रहे अपराधों की जानकारी अब सीधे डीजी कंट्रोल लखनऊ को व्हाट्सएप के जरिए दी जाएगी। ताकि अपराधों से अंजान जीआरपी को सूचना सीधे उच्च स्तर से मुहैया कराई जा सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके। इससे पीड़ितों को तत्काल न्याय मिल सके गा।
पिछले कुछ समय से अपराधों में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए रेल सुरक्षा बल और जीआरपी काफी आधुनिक तरीकों काम कर रहा है। यात्रियों की 24 घंटे सुरक्षा संबंधित सहायता के लिए रेलवे बोर्ड की निगरानी में अखिल भारतीय रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर की स्थापना 12 अगस्त 2014 को की गई थी, जबकि जोनल रेलवे में टोल फ्री नंबर 182 की स्थापना फरवरी 2015 में की गई थी। इस हेल्पलाइन प्रणाली 182 को आरपीएफ के डिवीजनल सुरक्षा नियंत्रण कक्षों के जरिए कार्यशील बनाया गया है और यात्रियों के सामानों की चोरी, सामानों के खो जाने, दिव्यांग कोचों में अवैध प्रवेश, असामाजिक तत्वों द्वारा उपद्रव, चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता आदि से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त की हो रही हैं।
रेल परिसरों एवं रेल गाड़ियों में अपराध को रोकने, उनकी जांच एवं कानून का पालन राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) करती है। मूलरूप से आरपीएफ पर 1966 से रेलवे संपत्ति की सुरक्षा करने, रेलवे संपत्ति की आवाजाही में आने वाली बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी रहती है। अपराधों पर नियंत्रण के लिए तरह-तरह के आधुनिक उपाय प्रयोग में लाए जा रहे हैं। अब जीआरपी ने रेल अपराधों व भ्रष्टाचार को रोकने लिए डीजी कंट्रोल लखनऊ का व्हाट्सएप नंबर 9454404444 जारी किया है। इस नंबर पर अपराध व भ्रष्टाचार से संबंधित आडियो, वीडियो व फोटो सीधे भेजे जा सकते हैं। इस पर डीजी कंट्रोल द्वारा थाना जीआरपी को उक्त घटना से संबंधित जानकारी मुहैया कराएगा, और जीआरपी उस सूचना पर कार्य की प्रगति डीजी कंट्रोल को समय-समय बताएगी। इस मौके पर थानाध्यक्ष जीआरपी महेश कुमार दुबे, थानाध्यक्ष आरपीएफ केपीएस बुंदेला, एसएसआई जीआरपी शमीम खान उपस्थित रहे।