ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों को काम की तलाश और जॉब कार्ड बनवाने के लिए यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा।
अब हर माह की एक तारीख को ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा।
मजदूरों को स्थानीय स्तर पर काम मुहैया कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही मनरेगा में रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान श्रमिक योजना में पंजीयन कराकर जॉब कार्ड प्राप्त करने के साथ-साथ काम की मांग और भुगतान की समस्याओं को रख सकेंगे।
इस आयोजन के शुरू होने से श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समय मनरेगा में 1,69, 627 जॉब कार्ड बने हुए हैं, इनमें से 77,992 कामगार रोजगार की मांग कर चुके हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर 63, 434 कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इतना ही नहीं, वर्तमान में 9, 555 कामगार विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे हैं।
श्रमिकों का भुगतान अटका
तमाम श्रमिकों के बैंक खाते सही नहीं होने से उनका भुगतान अटककर रह गया है। वर्तमान में 81.9 लाख रुपये व अर्द्ध कुशल कारीगरों का तीन लाख रुपये फंसा हुआ है।
इसके अलावा सामग्री का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। इस तरह 401.73 लाख रुपये का भुगतान बड़ी समस्या बन गया है।