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गड्ढों में तब्दील हो चुकी गोविंद सागर बांध की सड़क

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ललितपुर। शहर के नजदीक बने गोविंद सागर बांध की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। डेढ़ साल में सड़क खस्ताहाल हो गई है। उस वक्त इसकी मरम्मत में 20 लाख खर्च हुए थे। सड़क खराब होने से बांध का भ्रमण करने आ रहे सैलानियों को आने-जाने में असुविधा हो रही है। बारिश होने पर समस्या और भी विकट हो जाती है। विभाग ने शासन से मरम्मत के लिए धनराशि की मांग की है।
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गर्मियों के दिनों में सुबह और शाम को लोग गोविंद सागर बांध जाना पसंद करते हैं। यहां का वातावरण लोगों को काफी लुभाता है लेकिन यहां के मार्ग के कारण सैलानियों को आने-जाने में असुविधा होती है। बांध की सड़क मरम्मत के अभाव में छोटे-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे जो भी वाहन बांध से गुजरते हैं, उनकी गति धीमी हो जाती है, साथ ही वाहनों में यात्रियों को हिचकोले खाने पड़ते हैं। जब बारिश हो जाती है, तब और भी स्थिति खराब हो जाती है। बारिश का पानी छोटे-बड़े गड्ढों में भर जाता है। बारिश का भरा पानी उछलकर राहगीरों पर गिरता है, जिससे उनके कपड़े भी खराब हो जाते हैं। वर्ष 2019-20 में इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी, जो ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। करीब बीस लाख रुपये से इस सड़क की मरम्मत हुई थी। अब सड़क खराब होने पर इसकी मरम्मत कराने के लिए करीब पच्चीस लाख रुपये की मांग की जा रही है।
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बांध के रख-रखाव के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जाती है। जिस वजह से बांध के आसपास कई कमियां नजर आती हैं। बांध की तलहटी के झाड़ी भी ठीक से साफ नहीं किए जाते हैं। प्रियंक सराफ
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बांध के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है। यहां आने वाले सैलानियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का अहसास होता है। शाम होते ही बांध पर अंधेरा पसर जाता है। मनीष जैन
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बांध पर बनाई गई सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। यदि इसकी बारिश से पहले मरम्मत नहीं की गई तो यहां से सैलानियों का निकलना दूभर हो जाएगा। लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा
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बांध की सड़क गड्ढामुक्त होना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं है। पिछले वर्षों में सड़क की मरम्मत कराई गई थी लेकिन वह ज्यादा समय तक चल नहीं पाई। जब बारिश हुई थी, तब से गड्ढे उभरने शुरू हो गए थे।-देवेंद्र खैरा
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सड़क की मरम्मत के लिए धनराशि की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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