ललितपुर। गोविंद सागर बांध से निकली दायीं और बायीं नहर की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। नहरों में घास-फूस नजर आ रही है। मरम्मत नहीं हो पाने से सिंचाई का पानी नहरों की टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में आखिरी छोर के किसानों के खेत पानी के अभाव में प्यासे रह जाते हैं। सफाई के अभाव में नहर नाले के जैसी हो गई है। लोगों के घरों की नालियों का पानी भी नहर में गिर रहा, नहर गंदगी से पटी पड़ी है।
नहर की सफाई की जिम्मेदारी राजघाट निर्माण खंड के पास है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो माह पहले तीन लाख रुपये खर्च करके गोविंद सागर बांध से निकली नहरों की सफाई कराई थी, लेकिन किसानों को इसका फायदा नहीं मिल सका है। स्थिति यह है कि नगर के कई मोहल्लों के लोगों द्वारा नालियां नहर में डाल देने से यह सीवर ड्रेन के रूप में तब्दील हो गई है। घरों का गंदा पानी गिरने से नहर में गंदगी फैल गई है। झाड़ियां उग आने की वजह से नहर का स्वरूप नाले जैसा हो गया है।
पानी लीकेज होकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंच रहा
गोविंद सागर बांध से दायीं व बायीं नहर शहर के बीच से होकर निकाली गई है, जो अब शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। इन नहरों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन नहरों की मरम्मत नहीं होने से इसका पानी लीकेज होकर आसपास के क्षेत्रों में पहुंच रहा है। नहर के किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर नहर की सफाई सही ढंग से की गई होती तो पानी बर्बाद नहीं होता और किसानों को इसका लाभ मिलता।
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अतिक्रमण की वजह से नहीं हो पा रही सफाई
शहर के बीच से निकली नहर के ऊपरी हिस्से पर कई लोगों ने पक्का निर्माण कर रास्ता बना लिया है, जिससे घरों का पानी नहर में गिर रहा है। पक्के निर्माण की वजह से उन स्थानों की सफाई नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से पानी के बहाव में रुकावट आ रही है।
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घरों का गंदा पानी गिरने से सिल्ट जमा रही, दिए जा रहे नोटिस, न माने तो होगी कानूनी कार्रवाई
गोविंद सागर बांध से निकली इस नहर की लंबाई लगभग 13 किलोमीटर है। इसमें पांच किलोमीटर का दायरा शहर के मोहल्ला आजादपुरा, तालाबपुरा, रावतयाना समेत कई अन्य मुहल्लों से होकर गुजरता है। लोगों द्वारा अपने घरों का गंदा पानी नहर में गिराने के कारण नहर में सिल्ट जमा हो जाती है। नहर में गंदगी गिराने वालों पर जिलाधिकारी ने केनाल एक्ट के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब शहरी क्षेत्र में नहर के किनारे बसे लोगों को गंदगी नहीं गिराने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट प्रखंड, ललितपुर।