20 हजार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, 30 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेसी
ललितपुर। रबी के सीजन में किसानों को फसल बोआई सहित बोयी गई फसल को पहला पानी देने के लिए शनिवार की दोपहर गोविंद सागर बांध की दायीं और बायीं नहर का संचालन शुरू हो गया है। इसमें करीब 12.800 किलोमीटर लंबी बायीं नहर से 17 क्यूसेक और 32 किलोमीटर लंबाई की दायीं नहर से 252 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नहर का संचालन करीब एक माह तक किया जाएगा। इससे करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 30 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
साइफन प्रणाली से लैस शहजाद नदी पर निर्मित गोविंद सागर बांध जिले के सबसे पुराने बांधों में से एक है। बांध का पूर्ण जलस्तर 363.93 मीटर और न्यूनतम 357.83 मीटर है। इस बांध से किसानों के खेतों की फसलों की सिंचाई के लिए करीब 190 किलोमीटर दायीं व बायीं नहर जिसमें रजवाहा, माइनर शामिल है की प्रणाली है। इनके माध्यम से करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। रबी के सीजन में बोयी जाने वाली मटर, मसूर, चना, गेहूं, जौ सहित अन्य फसलों के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है।
रबी के सीजन में नहरों का संचालन एक नवंबर से रोस्टर के अनुसार किया जना था। लेकिन बरसात होने के चलते किसानों के खेतों में पर्याप्त पानी हो गया था और कुछ क्षेत्रों में फसल की बोआई कर दी गई थी। इससे नहरों का संचालन नहीं किया गया था। अब सिंचाई विभाग ने शनिवार को गोविंद सागर बांध की करीब 12.800 किलोमीटर लंबी बायीं नहर खोल दी है जिससे 17 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। वहीं, करीब 52 किलोमीटर लंबाई की दायीं नहर से 252 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जिससे नहर सहित इनसे निकले माइनर और रजवाहा के जरिए किसान सिंचाई करेंगे।
-
फैक्ट फाइल
- 96.79 एमसीएम पानी भंडारण क्षमता
- 52 किमी. लंबी मुख्य नहर दायीं नहर
- 14.30 किमी. लंबी बायीं नहर
- करीब 32 माइनर और रजवाहा
- 20 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित
वर्जन
रोस्टर के अनुसार गोविंद सागर बांध से निकली दोनों नहरों को खोल दिया गया है। रोस्टर के अनुसार एक माह तक नहरों का संचालन किया जाएगा। इससे किसानों की रबी के सीजन में बोयी गई फसलों को पानी उपलब्ध होगा।
-शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड