चयनित गांव में अधूरी पड़े कार्य होंगे पूर्ण
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्लूएम) की योजना चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 12 करोड़ रुपये सरेंडर हुए था। इसके बाद शासन ने इस धनराशि को वापस भेज दिया है। इस धनराशि से ग्रामीण इलाकों में सूखा व गीला कचरा निस्तारण का कार्य किया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त सफाई व कचरा निस्तारण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में कचरा निस्तारण के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा जल निकासी, शोकपैड आदि कार्य कराए जाते हैं। नाला मरम्मत जैसे कार्य भी इस योजना से होते हैं, जिससे गांव में गंदगी न रहे।
इसके लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 50 गांव में 12 करोड़ व वित्तीय वर्ष 2023-24 में 308 गांव में 19 करोड़ की धनराशि भेजी गई थी। वर्ष 22-23 में चयनित ग्राम पंचायतों ने तो शासन से भेजी धनराशि का उपभोग कर लिया। इस वित्तीय वर्ष में चयनित गांवों में 62 लाख 56 हजार रुपये शेष बचा था। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिर्फ आठ करोड़ रुपये की खर्च किए गए। 31 मार्च को करीब 12 करोड़ रुपये शासन को सिरेंडर किए गए। शासन यह धनराशि ग्रामीण इलाकों में बचे हुए कार्यों के लिए धनराशि भेज गई।
जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन ने सरेंडर की हुई 12 करोड़ रुपये की धनराशि भेज दी है। इससे 308 गांव में एसएलडब्लूएम के तहत जो कार्य अपूर्ण हैं, उनको पूर्ण कराया जाएगा।