ललितपुर। केंद्रीय सिंचाई एवं जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने का पहला फेज अक्तूबर 2016 में पूरा होगा। सिंचाई की समस्या से निपटने के लिए पहले लंबित सिंचाई परियोजनाओं का शत- प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उसके बाद ही नई सिंचाई परियोजनाओं पर काम शुरू होगा। उन्होंने सूखे से निपटने के काम को राज्य सरकार के पाले में डालते हुए कहा कि जो प्रस्ताव सरकार देगी, उसे केंद्र सरकार मंजूर कर लेगी।
शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड पैकेज का पुन: निर्धारण हुआ है, इसमें 700 करोड़ रुपये शामिल किए गए हैं। इसका इस्तेमाल मुख्यत: सूखे में किया जाएगा। जिले में सूखे से बुरा हाल है। नदियों में पानी नहीं है। फसलों की सिंचाई की समस्या है। छोटे परिवार तो मजदूरी के लिए चले जाएंगे। बड़े परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा होने वाला है। गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए लोगों को तात्कालिक लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। जनपद में आधे में सूखा है तो आधे में ओलावृष्टि से प्रभावित किसान हैं। उक्त हालात से निपटने को राज्य सरकार प्रस्ताव तैयार करे, वह जो भी प्रस्ताव देगी, उसे केंद्र सरकार तुरंत मान लेगी।
उन्होंने कहा कि नई सिंचाई परियोजना तब तक चालू नहीं होंगी, जब तक कि लंबित परियोजनाओं का शत- प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित नहीं हो जाए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा केंद्र सरकार पर गंगा - यमुना की सफाई के ढिंढोरा पीटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने का पहला फेज वर्ष 2016 में पूरा होगा। कांग्रेस के नेताओं के भ्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित विभिन्न नेता आएं और सूख के हालात देखें। हालांकि, वह बुंदेलखंड विकास निगम बनाने, टिकट वितरण में घूस खोरी होने, जिलाध्यक्ष के चुनाव में झगड़ा होने, जिला कार्यालय ग्रीनलैंड में बनने जैसे सवालों को टाल गई। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन के लोग इन मामलों को देखेंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, सांसद प्रतिनिधि डा. जगदीश सिंह चौहान, श्याम सुंदर सिंह, धर्मेंद्र गोस्वामी, नीरज जैन गौना, रत्नेश तिवारी, चंद्रशेखर दुबे, जगदीश सिंह, अमित तिवारी, राहुल मोदी, देवेंद्र गुरू आदि उपस्थित रहे।