- डीएम ने सभी तहसीलों से मांगा ब्योरा, उपलब्धता के अनुसार तैयार की जाएगी कार्ययोजना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में निवेशक मीट के दौरान जनपद में 58848 करोड़ रुपये के प्रस्ताव आए थे। जिसमें छह बड़े प्रोजेक्ट सोलर एनर्जी के थे। इसके अलावा अन्य औद्योगिक इकाइयों के प्रोपजल तैयार किए गए थे। भूमि के अभाव में कई औद्योगिक इकाइयां धरातल पर नहीं आ रही हैं। इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों से खाली पड़ी सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा है। इसका एक मैप तैयार कर किस उद्योग के लिए कौन सी भूमि उपयुक्त होगी, उसका चयन कर उद्योगों को स्थापित किया जाएगा।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जनपद की सभी तहसीलों में आदेश जारी किए हैं, वह अपने क्षेत्र की खाली पड़ी सरकारी भूमि का ब्योरा उपलब्ध कराएं, बताते चलें कि वर्तमान में सरकारी विभागों की एकड़ों भूमि ग्रामीण इलाकों में है, जिसका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। कुछ भूमि जो उपजाऊ हैं, उनपर लोगों ने कब्जा किया है। जिलाधिकारी ने ऐसी सभी जमीनों का ब्योरा मांगा है। जब भूमि का आंकलन हो जाएगा। उसके बाद कौन सी भूमि किस औद्योगिक के लिए उपयुक्त होगी, उसी हिसाब से जारी किया जाएगा। हाल ही में ग्राम मड़वारी में नए औद्योगिक आस्थान के लिए भूमि का चयन किया गया है। अन्य जगहों पर भी मिनी औद्योगिक आस्थान बनाए जाएंगे। जिससे यहां पर औद्योगिक इकाइयां लग सकें, जहां पर बेरोजगारों को रोजगार मिले।
सौर ऊर्जा के कई प्रोजेक्ट भूमि के अभाव में नहीं हो पा रहे स्थापित
सौर ऊर्जा पावर प्लांट के लिए जनपद में 57 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव निवेशकों ने प्रस्तुत किए थे। जिसमें अभी एक भी कंपनी को उनकी आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है। तालबेहट क्षेत्र में अवश्य एक प्लांट तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के लिए 2700 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी, लेकिन अभी तक इसे 23 एकड़ भूमि ही मिली है। करीब 400 एकड़ भूमि की अभी भी आवश्यकता है।
जनपद की सभी तहसीलों से सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा गया है। जिससे भूमि उपलब्धता के अनुसार उसका उपयोग किया जा सके।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी ललितपुर।