ललितपुर। गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए चलाई गईं आवास योजनाएं सहारा नहीं बन पा रही हैं। हालात यह हैं कि जिले में मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत कोई बजट नहीं मिला है। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना में महज 14 पात्रों को ही अब तक भुगतान किया गया। ऐसे में तमाम पात्र लाभार्थी आज भी कच्चे मकानों और झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सहरिया आदिवासी और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को पक्की छत देने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना चलाई है। इसके तहत लाभार्थी को एक लाख बीस हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाते है।
लाभार्थी को एक कमरा, एक बरामदा व एक किचिन का निर्माण कराना होता है। लेकिन वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के लिए कोई बजट नहीं दिया। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास की आस लगाए बैठे लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। वहीं मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में भी 850 आवासों के लिए धनराशि मांगी गई थी। लेकिन सरकार ने महज 14 आवासों के लिए ही धनराशि भेजी है। जबकि ग्रामीण इलाकों में सहरिया जनजाति के लोगों को अभी भी पूर्णतया छत नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवासों की सूची वित्तीय वर्ष में
वित्तीय वर्ष - लक्ष्य - स्वीकृत - प्रगति - प्रतिशत - शेष
2020-21 - 2964 - 2964 - 2913 - 98.28 - 51
2021-22 - 1029 - 1029 - 1009 - 98.06 - 20
योग - 3993 - 3993 - 2922 - 98.22 - 71
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों की सूची वित्तीय वर्ष में
वित्तीय वर्ष - लक्ष्य - स्वीकृत - प्रगति - प्रतिशत - शेष
2020-21 - 8063 - 8062 - 7994 - 99.14 - 69
2021-22 - 5817 - 5809 - 5726 - 98.44 - 91
योग - 13880 - 13871 - 13720 - 98.85 - 160
वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ब्लॉकवार आवासों की सूची
ब्लॉक का नाम - लक्ष्य - स्वीकृत - प्रगति - शेष
बार - 2574 - 2571 - 2546 - 28
बिरधा - 34 86 - 3481 - 3420 - 66
जखौरा - 2937 - 2936 - 2905 - 32
मड़ावरा - 3221 - 3221 - 3169 - 52
महरौनी - 2566 - 2566 - 2539 - 27
तालबेहट - 3089 - 3089 - 3063 - 26
योग - 17873 - 17864 - 17642 - 231
वर्तमान वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवासों के लिए 14 आवासों की धनराशि प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं हुई है। पिछले वर्षों के लक्ष्यों को करीब शत प्रतिशत हासिल कर लिया गया है।
एसके सिंह, परियोजना निदेशक