राजकीय इंटर कालेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के साथ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से संचालित क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना धन की कमी के चलते परवान नहीं चढ़ पाई है। आज भी छात्राओं को स्मार्ट क्लास प्रारंभ होने का बेसब्री से इंतजार है।
क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजनांतर्गत जिले में राजकीय बालिका इंटर कालेज का चयन किया गया है। योजनांतर्गत विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए फलदार/छायादार और आकर्षक पौधों का रोपण किया जाना है। वहीं, पांच केवीए के सोलर पावर सिस्टम, एलईडी बल्ब, आधुनिक पंखे, विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई, लघु मरम्मत, फर्नीचर/प्रयोगशाला उपकरण, स्वच्छ पेयजल के लिए सबमर्सिबल पंप, ओवरहेड टैंक, आरओ वॉटर प्यूरीफायर, वॉटर कूलर, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासेज, खेल के मैदान का विकास, खेलकूद उपकरण, पुस्तकालय में आवश्यकतानुसार पुस्तकें की व्यवस्था की जानी है। शासन ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जिसमें से बीस लाख रुपये से जीर्णशीर्ण कक्षा कक्षों की मरम्मत हो सकी है। अन्य मदों में धनराशि के अभाव में कार्य नहीं कराए जा सके हैं। नतीजा यह हुआ कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में न तो स्मार्ट क्लास और न ही शुद्ध पेयजल, फर्नीचर का इंतजाम हो सका है। कालेज की छात्राएं आज भी फर्नीचर की समस्या से जूझ रही हैं। इन हालात में क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल बनाने की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
विभिन्न मदों में नहीं मिला पैसा
शासन ने क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजनांतर्गत फर्नीचर मद में 10 लाख, अनुरक्षण मद में 20 लाख, अन्य मद में 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।जिसमें से फर्नीचर मद व अन्य मद में धनराशि अवमुक्त होने का इंतजार है।
बीस लाख रुपये की धनराशि से कालेज में मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। अवशेष धनराशि से फर्नीचर, सोलर सिस्टम आदि की आपूर्ति लखनऊ स्तर से होगी। जिसका इंतजार किया जा रहा है।
राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, प्रभारी डीआईओएस ललितपुर।