- मारपीट व दलित उत्पीड़न के झूठे मामले में जेल में बिताया समय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तालबेहट क्षेत्र के ग्राम भदौना में गाली-गलौज कर मारपीट करने और दलित उत्पीड़न के आरोपी को विधिक सेवा प्राधिकरण ने निशुल्क अधिवक्ता मुहैया कराया। जिस पर अधिवक्ता ने पैरवी की और न्यायालय ने सही साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने पर आरोपी को सभी आरोपों से दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया। वह नौ साल से इस मुकदमे में परेशान रहा और कुछ महीने जेल में भी बिताए।
तालबेहट क्षेत्र के ग्राम भदौना निवासी रामकली ने कोतवाली तालबेहट में नौ वर्ष पहले नौ जून 2016 को तहरीर देकर बताया था कि एक जून 2016 को दोपहर 1.10 बजे वह अपने घर पर थी, तभी गांव का ही भान सिंह आया और गांजा पीने लगा। उसने उक्त व्यक्ति को मना किया, तो वह नाराज होते हुए उसके साथ गालियां देते हुए मारपीट के लिए आमादा हो गया और उसकी मारपीट की। वह चिल्लाई तो उसकी नातिन व बाबू आ गए, तो उक्त भान सिंह गालियां देकर चला गया। कोतवाली तालबेहट ने रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। आर्थिक कमजोर होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर ने उसके लिए विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता नियुक्त किया।अधिवक्ता वैभव जैन ने उसकी ओर से निष्ठा के साथ पैरवी और कई वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अभियोजन द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर भान सिंह पर कोई आरोप सिद्ध नहीं किया जा सका। जिस पर 17 जुलाई को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अधिनियम) सुनील सिंह की अदालत ने भान सिंह को मेडिकल एवं अन्य साक्ष्य के आधार पर उक्त सभी आरोपों में निर्दोष पाते हुए बरी कर दिया।